उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट मीटर जंपिंग व अन्य मीटर जंपिंग की केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से जाँच करने की उठाई मांग
उपभोक्ता परिषद का कहना है कि पहले कैपिटल मीटर जंपिंग से जनता त्रस्त हुई फिर उसे पक्षिमांचल बिजली कंपनी ने ब्लैकलिस्ट किया गया इसके बाद स्मार्ट मीटर जंपिंग जिसकी जाँच में बड़ी कमिया सामने आयी और अभी भी मामला बिचाराधीन है पूरे प्रदेश में हल्ला मचा है।
परिषद का कहना है कि अब जो मामला सामने आया वो बेहद चौकाने वाला है केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना सौभाग्या में काम लेकर विद्युतीकरण करने वाली निजी कम्पनिया विभाग के अभियंताओ से साठगांठ कर छोटे गरीब ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओ के घर लगने वाले उन मीटर निर्माता कंपनी को बेंडर अनुमोदन दिया जो कभी विभाग में मीटर ही नहीं सप्लाई किया अब उसका खामियाजा ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता झेल रहे है अगर यह दक्षिणांचल विद्युत वितरण कंपनी द्वारा टेंडर से खरीदे गये है तो और चिंताजनक है।
परिषद का कहना है कि उनके घर लगने वाल पावरटेक एनर्जी मेक मीटर एक एक दिन में हजारो यूनिट रीडिंग जम्प कर रहा है और उपभोक्ता परेशान है कि उन्होने किस शुभ मुहूर्र्त में बिजली कनेक्शन ले लिया ऐसे में तो उनके घर का मीटर उनका घर बिकवा देगा, जिस रफ्तार में दौड़ रहा है
परिषद का कहना है कि उपभोक्ता जब बिजली अभियंताओ के पास शिकायत लेकर पहुंचे फिर बिजली अभियंता भी परेशान और तुरंत पावरटेक एनर्जी मेक मीटर उतरवाना शुरू किया एक ऐसा ही मामला औरैया जनपद का है जहा पर तुरंत 5 मीटर उतरवाकर मंगवाए गये। जिसमें हर माह हजारो यूनिट जम्प करने वाले मीटर थे एक मीटर जो घरेलु उपभोक्ता के यहाँ 26 अगस्त 2020 को लगा और 1 सितम्बर 2020 को हंगामा मचने पर उतरा गया वह मात्रा 5 दिन में 59919 यूनिट जम्प कर गया यही हाल अनेको ग्रामीण इलाकों का है ।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा जिस प्रकार से उपभोक्ताओ के घर लगने वाला मीटर रूपी तराजू की विस्वसनीयता खतरे में है उसे बिजली कम्पनियो को बहुत ही गम्भीरता से लेना होगा जिस प्रकार से पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओ के कैंप में स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायत आम हो रही है उसका निस्तारण समय पर न किया गया तो स्थिति बहुत गंभीर होने वाली है ।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा चौकाने वाला मामला यह है कि मीटर निर्माता कंपनी हो या स्मार्ट मीटर निर्माता कंपनी हो उसमे जब भी कोई मसला उठता है तो पावर कार्पोरेशन के उच्चाधिकारी और अभियंता उसकी वकालत और शैडो बॉक्सिंग में ऐसे लग जाते है जैसे उनके मांमां की कंपनी हो उपभोक्ता परिषद प्रदेश के ऊर्जामंत्री व माननीय मुख्यमंत्री से मांग की है की इस गंभीर मामले की विभागीय अभियंताओ से अलग हठकर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के योग्य अभियंताओ से प्रदेश में मीटर जंपिंग सहित सभी मामलो की जाँच कराना चाहिए जिससे सच्चाई का खुलासा हो सके।







