सुप्रीम कोर्ट विवाद: चीफ जस्टिस से नहीं मिलेंगे जस्टिस चेलमेश्वर

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नई दिल्ली, 14 जनवरी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट विवाद सुलझता नहीं दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार जस्टिस चेलमेश्वर शनिवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से नहीं मिलेंगे। जस्टिस चेलमेश्वर के ऑफिस सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को जस्टिस चेलमेश्वर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले बाकी के तीन जज दिल्ली से बाहर हैं, ऐसे में जस्टिस चेलमेश्वर सीजेआई से मिलने को इच्छुक नहीं हैं। चीफ जस्टिस अपने आवास पर मौजूद हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा को शनिवार सुबह सीजेआई आवास के बाहर उनकी कार में देखा गया। प्रधान सचिव का एक सहायक सीजेआई के कैंप ऑफिस गया और मिनटों में ही वापस आ गया, इसके बाद नृपेंद्र मिश्रा की कार वहां से रवाना हो गई।

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि ऑफिस जाते समय वे सीजेआई आवास के गेट पर नए साल का ग्रीटिंग कार्ड देने के लिए रुके थे। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल अपने ऑफिस के लिए निकले हैं। अटॉर्नी जनरल ने शुक्रवार को कहा था कि शनिवार के दिन सभी जजों के साथ मिलकर मामले को सुलझा लिया जाएगा, लेकिन जस्टिस चेलमेश्वर और सीजेआई की मुलाकात न होने पाने के चलते पूरा विवाद खिंचता दिख रहा है। इन आरोपों को लेकर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की आज सुप्रीम कोर्ट के जजों से बातचीत होनी थी, लेकिन आरोप लगाने वाले चार जजों में से तीन जज शहर से बाहर हैं।

बार एसोसिएशन ने बुलाई बैठक

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा कि देशवासियों में भ्रम पैदा करना जुडिशियरी के लिए ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों द्वारा बगावती तेवर अपनाए जाने और के बाद चीफ जस्टिस (सीजेआई) दीपक मिश्रा ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सब जज बराबर हैं और स्वतंत्र माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सभी केसों का सही बंटवारा होता है। गौरतलब है कि सवाल उठाने वाले सुप्रीम के चार जज, जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने इन्हीं दो बातों को प्रमुख रूप से अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया था। शुक्रवार सुबह देश में पहली बार न्यायपालिका में असाधारण स्थिति देखी गई। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने मीडिया को संबोधित किया।

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चीफ जस्टिस के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कभी-कभी होता है कि देश में सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था भी बदलती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है, अगर ऐसा चलता रहा तो लोकतांत्रिक परिस्थिति ठीक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस से बात की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। चारों जजों ने कहा कि अगर हमने देश के सामने ये बातें नहीं रखी और हम नहीं बोले तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। हमने चीफ जस्टिस से अनियमितताओं पर बात की।

उन्होंने बताया कि चार महीने पहले हम सभी चार जजों ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था, जो कि प्रशासन के बारे में थे, हमने कुछ मुद्दे उठाए थे। चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए, हम बस देश का कर्ज अदा कर रहे हैं। जजों ने कहा कि हम नहीं चाहते कि हम पर कोई आरोप लगाए। यह पहली बार है कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की हो। वहीं इस मामले में अटॉर्नी जनरल के।के वेणुगोपाल ने कहा कि शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच सारी तकरार खत्म हो जाएगी और सारे मामले सुलझा लिए जाएंगे।

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