लड़के पर बलात्कार करने का लगा है आरोप
बच्चे से थाने में तैनात सिपाहियों का काम करवाया जा रहा है, थाना प्रभारी उनके बच्चे को दिन में मुन्शी के पैर के पास और रात में हवालात में रखते है
लखनऊ, 14 फरवरी। मानव अधिकार निगरानी कमेटी के कार्यकर्ता अमित ने मीडिया को जानकारी दी है कि हसनगंज थाना मे दर्ज मु.अ.स. 70/18 के नाबालिग किशोर को पुलिस 10.02.18 की शाम 5 बजें से बिना जीडी में नाम दर्ज किये ही अवैध तरीके से हिरासत में रखा है।
उन्होंने किशोर के परिवार वालों से मिलकर पूछा तो उन्होनें बताया कि उनके लडके पर बलात्कार करने का आरोप है और उसे पुलिस ने 10 फरवरी की शाम 5 बजे गिरफ्तार करके थाना हसनगंज ले गयीं लेकिन अभी तक चालान नही किया है और टार्चर कर रही है।
नाबालिग अपराधी के परिवार वालो ने ये भी बताया कि थाने में उनके बच्चे से थाना में तैनात सिपाहियों का काम करवाया जा रहा है। थाना प्रभारी उनके बच्चे को दिन में मुन्शी के पैर के पास और रात में हवालात में रखते है। जब भी बच्चे से मिलने थाने जाते है तो पुलिस वाले उन्हें गाली देते है और मिलने भी नही देते।
मानव अधिकार निगरानी कमेटी ने उपरोक्त प्रकरण की जांच कर मानव अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनएचआरसी, डी.जी.पी., एडीजीडी, आई.जीआईजी, एसएसपी को ट्वीट, और ईमेल से शिकायत कर उक्त मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मांग किया और दिनांक 10.02.18 की शाम से अब तक का थाना परिसर मे लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज साक्ष्य के लिए सुरक्षित रखनें का अनुरोध किया और उपरोक्त शिकायत की पुष्टि के लिए पीड़ित और आरोपी परिवार के साथ आस पास के गवाहों के बयान भी दर्ज कर कार्यवाही करनें का अनुरोध किया है।
मानव अधिकार निगरानी कमेटी के सदस्य अमित ने ये भी कहा की सरकार के संरक्षण में उत्तर प्रदेश की पुलिस गिरफ्तारी हिरासत और पूछताछ के मामले में उच्चतम न्यायालय द्रारा दिये गये आदेशों का लगातार अवहेलना कर रही है और मानव अधिकारों की सुरक्षा की बजाय मानव अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है।
उपरोक्त मामले के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस विभाग और प्रदेश सरकार कार्यवाही नही करेगी तो मानव अधिकारों की सुरक्षा के सवाल को लेकर उनका संगठन न्यायालय में जाने बाध्य होगा।







