मुंबई, 21 जून 2019: मानवता को बेहद शर्मसार करने वाला एक मामला महाराष्ट्र के बीड जिले से सामने आया है। जहाँ महाराष्ट्र विधानसभा में स्वास्य मंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा दिए बयान के मुताबिक, पिछले तीन साल में इस जिले में 4,605 महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए हैं। राज्य सरकार ने सभी डॉक्टरों को आदेश दिया है कि वे अनावश्क रूप से गर्भाशय न निकालें।
जांच के आदेश :
स्वास्य मंत्री शिंदे ने बताया कि स्वास्य मंत्रालय के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति गर्भाशय निकाले जाने के सभी मामलों की जांच करेगी। इसके लिए सभी पीड़िताओं से भी बात की जा रही है। रिपोर्ट दो महीने में पेश होगी।
निजी अस्पतालों में हुए ऑपरेशन :
बीड जिले के सिविल सर्जन की अध्यक्षता में गठित समिति ने पाया कि ऐसे ऑपरेशन 2016-17 से 2018-19 के बीच 99 निजी अस्पतालों में किए गए। शिंदे ने सदन को बताया कि जिले में सामान्य प्रसवों की संख्या सिजेरियन की संख्या से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए, उनमें से कई गन्ना खेत में काम करने वाली मजदूर हैं।







