गुजरात: पूर्व बीजेपी विधायक नलिन कोटडिया समेत 14 को उम्रकैद
सूरत/अहमदाबाद, 30 अगस्त 2025: गुजरात के सूरत जिले की एक विशेष अदालत ने एक सनसनीखेज किडनैपिंग और फिरौती के मामले में बीजेपी के पूर्व विधायक नलिन कोटडिया, पूर्व आईपीएस अधिकारी जगदीश पटेल और पूर्व पुलिस निरीक्षक अनंत पटेल समेत कुल 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में आरोपी सूरत के एक प्रमुख बिल्डर का अपहरण कर उनसे 12 करोड़ रुपये के बिटकॉइन ट्रांसफर कराए गए थे। यह सजा गुजरात पुलिस और सीबीआई की संयुक्त जांच के बाद दी गई है, जो राज्य में संगठित अपराध और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े घोटालों को उजागर करती है।
यह है मामले का विवरण: यह घटना 2023 में सूरत में हुई थी, जब बिल्डर (नाम गोपनीय रखा गया) का अपहरण किया गया। आरोपी नलिन कोटडिया (अमरेली से पूर्व बीजेपी विधायक), जगदीश पटेल (अमरेली के पूर्व एसपी और आईपीएस अधिकारी), अनंत पटेल (पूर्व पुलिस निरीक्षक) और अन्य 11 सहयोगियों ने मिलकर बिल्डर को अगवा किया। और उसके बाद अपहरणकर्ताओं ने बिल्डर को बंधक बनाकर उनके क्रिप्टो वॉलेट से 12 करोड़ रुपये मूल्य के बिटकॉइन अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। बिल्डर को रिहा करने के बाद भी आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन गुजरात पुलिस की एसआईटी ने सीबीआई की मदद से सभी को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह राजनीतिक संरक्षण के साथ काम कर रहा था और बिटकॉइन के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी।
अदालत का आया फैसला: सूरत की पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत ने गुरुवार को सभी 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा, प्रत्येक पर 50-50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने कहा कि यह अपराध न केवल किडनैपिंग बल्कि आर्थिक अपराध भी है, जो देश की वित्तीय प्रणाली को प्रभावित करता है। नलिन कोटडिया पर राजनीतिक दबाव डालने का भी आरोप था, जबकि जगदीश पटेल ने पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग किया। अनंत पटेल ने अपहरण के दौरान बिल्डर की निगरानी की थी।
बता दें कि नलिन कोटडिया 2017 में बीजेपी से विधायक चुने गए थे, लेकिन 2022 में पार्टी से निष्कासित कर दिए गए थे। जगदीश पटेल एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी थे, जिनकी भूमिका इस मामले में चौंकाने वाली रही। यह सजा गुजरात बीजेपी के लिए शर्मिंदगी का कारण बन सकती है, खासकर 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले। विपक्षी दलों ने इसे “भ्रष्टाचार का पर्दाफाश” बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर #KotadiaScam ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स क्रिप्टो अपराधों पर सख्त कानून की मांग कर रहे हैं।
इस फैसले से गुजरात में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों पर नजरें तरेरने की उम्मीद है। सीबीआई ने मामले में संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिटकॉइन ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए गए वॉलेट्स को ट्रैक करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग लिया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सजा संगठित गिरोहों को सबक सिखाएगी, लेकिन राज्य में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है।







