सैन्यकर्मी व अधिवक्ता समेत चार को प्रलोभन देकर लगाया चूना
लखनऊ। साइबर जालसाजों ने अधिवक्ता और सैन्यकर्मी समेत चार लोगों से करीब 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। आरोपितों ने शेयर मार्केट में निवेश पर मुनाफा और पार्टटाइम जॉब का लालच देकर पीड़तों के खाते से रुपये निकाले । यह आरोप लगाते हुए पीड़ितों ने साइबर क्राइम सेल केअलावा कैसरबाग, कैंट और मड़ियांव कोतवाली में मुकदमे दर्ज कराए।
कैसरबाग कोतवाली में अधिवक्ता सफदर हुसैन नकवी ने खाते से दो लाख रुपये निकाले जाने का मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित के मुताबिक, बैंक से अटैच मोबाइल नम्बर कुछ वक्त के लिए खराब हुआ था। जिसके कारण से ट्रांजेक्शन मैसेज आना बंद हो गए। इस बीच ठगों ने सफदर हुसैन और उनकी बहन बिकीश के ज्वाइंट अकाउंट से करीब दो लाख रुपये निकाल लिए। पासबुक अपडेट कराने पर धोखाधड़ी का पता चला। अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि एटीएम कार्ड उनके पास ही था।
वहीं, मयांव निवासी अर्चना प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। पीड़िता के मुताबिक, 30 अप्रैल की दोपहर करीब तीन बजे अनजान नम्बर से कॉल आई। फोन करने वाले ने अर्चना के पिता अवधेश कुमार का दोस्त होने का दावा किया। आरोपित ने अर्चना से कहा कि तुम्हारे पिता ने 12 हजार रुपये भेजने को कहा है। इसके बाद आरोपित ने 10 हजार और 20 हजार रुपये के दो ट्रांजेक्शन मैसेज भेजे।
पीड़िता के मुताबिक, मैसेज आने के बाद ही आरोपित ने दोबारा से कॉल कर कहा कि 18 हजार रुपये ज्यादा चले गए हैं। झांसे में फंस चुकी अर्चना ने बिना खाता चेक किए ही गूगल से करीब 18 हजार रुपये बताए गए अकाउंट में भेज दिए। बाद में डिटेल चेक करने पर पता चला कि खाते में तो रुपये जमा ही नहीं हुए। आरोपित का मोबाइल नम्बर भी बंद था। उधर, कैंट कोतवाली में सैन्य कर्मी गूगल मैप रेटिंग करने पर कमाई होने का झांसा देकर ठग ने करीब तीन लाख 31 हजार रुपये ऐंठ लिए।
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर साइबर जालसाज ने ठगी रकम
गोमतीनगर विस्तार के शारदा अपार्टमेंट निवासी चतुरानन त्रिपाठी ने बताया कि मार्च माह में उनके व्हाट्सएप पर एक कॉल आयी। फोन के पीछे मौजूद युवती ने अपना नाम प्रिया शर्मा बताते हुए कुछ शेयर मार्केट में निवेश के बारे में बताया। इस पर पीड़ित ने मना कर दिया। दो दिन बाद दुबारा व्हाट्सएप कॉल और एक लिंक आया। लिंक से आस्कमिन नाम की एप डाउनलोड करायी गयी। फोनकर्ता ने निवेश पर मुनाफे का आश्वासन दिया। जाल में फंसे चतुरानन ने दिए गए खाते में 5 हजार 23 मार्च को जमा किए। 24 मार्च को उक्त रकम से फोनकर्ता के बताने पर शेयर खरीदा। जिसमें 991 रुपये का मुनाफा दिखाया गया। उसके बाद पीड़ित ने 25 मार्च को करीब दो लाख रुपये बताए गए दूसरे खाते में ट्रांसफर किए। इसमें भी कुछ मुनाफा दिखाया गया। जाल में फंसाने के बाद साइबर जालसाज ने उनसे 13 अलग- अलग खातों में 11 अप्रैल तक 15 लाख 67 हजार रुपये जमा कराए। मुनाफा देख पीड़ित ने रुपये निकालने का प्रयास किया तो उन्हें और ट्रेडिंग करने को बोला गया। इंकार करने पर जालसाज ने ब्रोकरेज चार्ज मांगा। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित चतुरानन त्रिपाठी ने साइबर थाने में आईटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करायी है।







