बारिश के मौसम में यह पुल बहकर टुकड़ों में बंट जाता है
लखनऊ: मेहंदी घाट पर प्लाटून पुल की जगह पक्का पुल बनाने का प्रस्ताव भले ही सरकार की ओर से हो, लेकिन इसके निर्माण में देरी ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वर्षों से इस अस्थायी पुल से आवागमन करने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बारिश के मौसम में यह पुल बहकर टुकड़ों में बंट जाता है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है।


स्थानीय समाजसेवी बिंदु अरोरा ने इस समस्या को लेकर सरकार से सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, “मेहंदी घाट पर पक्का पुल कब बनेगा? नावों पर सवारियों को असुरक्षित ढंग से ढोया जा रहा है, क्या यह किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता नहीं दे रहा?” उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थायी पुल की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, और बारिश के दिनों में आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। इससे न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि आपात स्थिति में भी लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

जनता की इस समस्या को देखते हुए प्रशासन से अपील की जा रही है कि मेहंदी घाट पर पक्का पुल निर्माण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।







