फिक्स्ड कॉस्ट में डिस्काउंट रहे जारी जिससे मिले सबको सस्ती बिजली: उपभोक्ता परिषद

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वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग में उठे मुद्दे

विद्दुत नियामक आयोग द्वारा मेरिट आर्डर डिस्पैच बिजली खरीद नियमावली 2020 पर वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में आज आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह व सदस्य गण के के शर्मा व वीके श्रीवास्तव की उपस्थिती में सम्पन्न हुयी। जिसमें प्रदेश की उत्पादन निगम के वरिष्ठ अभियंताओ सहित प्रदेश के दोनों बड़े निजी उत्पादन इकाइयो के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया सर्व प्रथम प्रदेश के उपभोक्ताओ की तरफ से उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा इस नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले नियामक आयोग को इस दिशा में गम्भीरता से विचार करना पड़ेगा, कि कही नियमो को बदलाव की वजह से निजीघरानो को लाभ न मिल जाय क्योंकि पूर्व में आयोग द्वारा जारी प्राविधानित नियम के तहत अभी तक राज्य सेक्टर में लगे उत्पादन निगम द्वारा फिक्स्ड कॉस्ट में डिस्काउंट देने की वजह से वैरिएबल लागत में छूट पास होने से बिजली सस्ती मिलती थी।

उन्होंने कहा कि अगर यह नियम बदला गया तो प्रदेश के उपभोक्ताओ पर बड़ा भार पड़ेगा और उत्पादन निगम बरबाद होंगे इस प्रकार आंशिक लोड पर मशीन चलने पर कम्पनसेशन सीआरसी नियम के बाद भी प्रदेश में नहीं है क्यों की इससे बिजली दर कम रहती है अब उसे लागू करना कोरोना काल में उचित नहीं ।

परिसद अध्यक्ष ने कहा कि शिडूल्ड व रिजर्ब शटडाउन के मामले में कोई भी बदलाव करने के पहले आयोग यह जरूर देख ले कही इससे सस्ती बिजली खरीद में कोई अड़चन न आये रेगुलेशन बनने से प्रदेश के उपभोक्ताओ को अधिक से अधिक लाभ मिले यह आयोग को बिचार करना होगा।

वही दूसरी ओर प्रदेश उत्पादन क्षेत्र में दोनों निजी घराने रिलायंस व बजाज ललितपुर के प्रतिनिधियो ने अपने पक्ष में नियम बनाए जाने के बिन्दुओ पर अपनी बात रखी। आयोग चेयरमैन ने कहा सभी पक्षों की बात आ गयी है आयोग गम्भीरता से बिचार कर नियम को अंतिम रूप देगा दूसरे निजी घराने एनपीसीएल व धारीवाल ने भी अपनी बात रखी ।

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