सोहनपपड़ी की ‘मिठास’ बनी कड़वाहट, गनौर में वर्कर्स का अनोखा विरोध
आगरा, 21 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर धनतेरस की रात एक अनोखा नजारा देखने को मिला। फतेहाबाद टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों ने दिवाली बोनस को लेकर नाराजगी जताते हुए सभी बूम बैरियर उठा दिए, जिससे करीब दो घंटे तक हजारों वाहन बिना टोल भुगतान के तेज रफ्तार से गुजर गए। इस घटना से टोल संचालन करने वाली कंपनी को अनुमानित 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जबकि यात्रियों को अप्रत्याशित ‘फ्री राइड’ का फायदा मिला।
बता दें कि शनिवार रात करीब 10 बजे फतेहाबाद टोल प्लाजा (टोल प्लाजा-21) पर यह हंगामा हुआ। धनतेरस होने के कारण एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या सामान्य दिनों से तीन-चार गुना अधिक थी।

- प्रभाव: लगभग 5,000 से 10,000 वाहन (विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार) बिना रुकावट के निकल गए। फास्टैग स्कैनिंग भी प्रभावित हुई, और हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
- प्रदर्शन की अवधि: कर्मचारियों ने दो घंटे तक धरना दिया और गेट खुले रखे। पुलिस की मौजूदगी में सीनियर अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया, तब जाकर संचालन सामान्य हुआ।
- बोनस विवाद की वजह : टोल प्लाजा का संचालन ‘श्री साईं एंड दातार कंपनी’ करती है, जिसने मार्च 2025 में यह ठेका लिया था। प्लाजा पर कुल 21 कर्मचारी तैनात हैं। कंपनी ने प्रत्येक कर्मचारी को मात्र 1,100 रुपये का बोनस दिया, जबकि पिछले साल (पुरानी कंपनी के समय) यह राशि 5,000 रुपये थी।
कर्मचारियों का पक्ष:
उन्होंने मैनेजर से मांग की, लेकिन अनसुना कर दिया गया। उनका कहना है कि साल भर धूप-बारिश में मेहनत करने वाले कर्मचारियों का हक मारा गया। वे पूरे साल का बोनस चाहते थे, न कि आधा-अधूरा। एक कर्मचारी ने कहा, “कंपनी ने धोखा दिया। हमारी मेहनत का सम्मान ही नहीं हुआ।”
कंपनी का पक्ष:
कंपनी का तर्क है कि ठेका हाल ही में मिला है, इसलिए पूरे साल का बोनस देना संभव नहीं। प्रोजेक्ट मैनेजर कृष्णा जुरै ने कहा, “हमने न्यूनतम बोनस दिया, लेकिन कर्मचारियों ने अतिरिक्त मांग की। अब हम सैलरी में 10% वृद्धि और अगले बोनस पर विचार करने का आश्वासन दे चुके हैं।”
समझौता और आगे की पुलिस कार्रवाई :
पुलिस (एसीपी फतेहाबाद अमरदीप लाल) और कंपनी अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत की। आखिरकार, सैलरी में 10% बढ़ोतरी का वादा कर मामला शांत किया गया। कर्मचारी काम पर लौट आए, लेकिन कंपनी ने नुकसान की भरपाई के लिए आंतरिक जांच शुरू की है। प्रशासन ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे प्रदर्शन से ट्रैफिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
https://x.com/i/status/1980583920229073355
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया। कुछ यूजर्स ने इसे ‘दिवाली का पटाखा’ बताकर हंसते नजर आए, तो कुछ ने कर्मचारियों का समर्थन किया। एक पोस्ट में लिखा, “नाराजगी निकालने का अनोखा तरीका! लेकिन क्या यह सही था?”
यात्रियों ने इसे ‘फ्री तोहफा’ कहा, लेकिन कई ने सवाल उठाया कि कर्मचारियों की नाराजगी की सजा राजस्व को क्यों?
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बता दें कि यह घटना श्रमिक अधिकारों और कॉर्पोरेट जिम्मेदारी पर सवाल उठाती है। दिवाली जैसे त्योहार पर बोनस उम्मीदों का प्रतीक होता है, लेकिन कम राशि ने नाराजगी को भड़का दिया। क्या यह एकबारगी का विरोध था या बड़े आंदोलन की शुरुआत? आने वाले दिनों में नजर रखी जाएगी।






