गाजियाबाद। बक्सर के डीएम मुकेश पांडेय ने गुरुवार रात आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले डीएम ने एक परिचित को अपने इस आत्महत्या की जानकारी व्हाट्स-एप पर दी। इसके बाद परिचित ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही मुकेश गाजियाबाद पहुंच गए और ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जीआरपी ने ट्रैक से डीएम के शव मिलने की खबर जब गाजियाबाद पुलिस को दी तो हडक़म्प मच गया। तमाम बड़े अफसरों के साथ पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
डीएम की लाश गाजियाबाद स्टेशन से 200 मीटर आगे यार्ड में रेलवे ट्रैक पर मिली। उनकी जेब से पर्स और सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है, ‘मैं अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रहा हूं और मेरी मौत के बाद प्लीज मेरे रिश्तेदारों को मेरी खुदकुशी की जानकारी दे दें।’
उन्होंने यह भी लिखा कि मैं अपनी जिंदगी से तंग आ गया हूं और इंसान के अस्तित्व पर से मेरा विश्वास उठ गया है। मेरा सुसाइड नोट लीला पैलेस होटल के रूम नंबर 742 में एक बैग में रखा है। मैं माफी चाहता हूं, सभी को मेरा प्यार, प्लीज मुझे माफ कर देना।
आपको बता दें कि 2012 बैच के आईएएस अधिकारी मुकेश पांडेय को 31 जुलाई को बक्सर का डीएम बनाया गया था। बतौर जिलाधिकारी यह उनकी पहली पदस्थापना थी। इसके पहले वह बेगूसराय के बलिया अनुमंडल में एसडीएम व कटिहार में डीडीसी के पद पर सेवा दे चुके थे। साथ ही 2012 में ऑल इंडिया में 14वीं रैंक लाने वाले मुकेश पांडेय तेज तर्रार, बेदाग और कडक़ अफसर थे। उन्हें वर्ष 2015 में संयुक्त सचिव रैंक में प्रमोशन मिला था।







