लखनऊ: देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है, फिर भी अफवाहों के कारण लोग अनावश्यक भंडारण कर रहे हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार के साथ पूर्ण सहयोग का ऐलान करते हुए आम जनता से अपील की है कि पैनिक खरीदारी से बचें।
सरकार के दावों पर भरोसा करें, अफवाहों पर ध्यान न दें
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने आज लखनऊ में प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि सरकार के जिम्मेदार अधिकारी लगातार बता रहे हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, “सरकारी दावों पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। लोग अनावश्यक रूप से पैनिक होकर स्टोरेज कर रहे हैं, जिससे कृत्रिम अभाव की स्थिति बन रही है।”
तिवारी ने जोर देकर कहा कि यह संकट का समय है। इजरायल-ईरान युद्ध के कारण तेल आवागमन में थोड़ी रुकावट जरूर है, लेकिन ईरान भारत को लगातार तेल की सप्लाई कर रहा है। सूत्रों के अनुसार ईरान तेल निर्यात से रोजाना करीब 1200 करोड़ रुपये का मुनाफा भी कमा रहा है। ऐसी स्थिति में वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि अफवाहों पर आधारित जमा-खोरी ही समस्या पैदा कर रही है।
अफवाह फैलाने वालों और जमा-खोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन
संयुक्त परिषद ने पेट्रो पदार्थों की जमाखोरी करने वालों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का पूरा समर्थन किया है। तिवारी ने परिषद की सभी जनपद शाखाओं और संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि दुष्प्रचार का पुरजोर प्रतिरोध करें और आम जनमानस को आश्वस्त करें कि सरकार यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पूरी तैयारी के साथ काम कर रही है।
12 लाख कर्मचारी और 16 लाख पेंशनर्स मुख्यमंत्री के साथ
जे.एन. तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आश्वासन दिया कि तेल संकट से निपटने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, प्रदेश के 12 लाख राज्य कर्मचारी और 16 लाख पेंशनर्स उनके साथ पूर्ण रूप से खड़े हैं। परिषद ने पहले ही सभी जनपदों के पदाधिकारियों को सामान्य स्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
संयुक्त परिषद की टीम जनता को जागरूक कर रही है
परिषद की टीम, जिसमें कार्यवाहक अध्यक्ष निरंजन कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे, महामंत्री अरुणा शुक्ला, उपाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, प्रीति पांडे, नितिन गोस्वामी आदि शामिल हैं, सक्रिय रूप से लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही है।
खाद्य रसद विभाग से जुड़े संगठनों के सूत्रों ने भी बताया कि लोगों के पैनिक होने से पेट्रोल और डीजल की खपत अचानक बढ़ गई है, वरना सामान्य स्थिति बनी हुई है। एलपीजी सिलेंडर भी हर महीने नियमित उपलब्ध हैं।
खाद्य रसद विभाग से जुड़े संगठनों के सूत्रों ने भी बताया कि लोगों के पैनिक होने से पेट्रोल और डीजल की खपत अचानक बढ़ गई है, वरना सामान्य स्थिति बनी हुई है। एलपीजी सिलेंडर भी हर महीने नियमित उपलब्ध हैं।
विशेष अपील: जनता से अनुरोध है कि केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल भरवाएं और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें। सामान्य खपत से स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी।







