Quote Of The Day : ज्ञान भक्ति
मनुष्य में जो भी अनोखी क्षमता या अद्भुत गुण प्रकट होते हैं, वे सभी ईश्वर से ही प्राप्त होते हैं। यदि ईश्वर में ये गुण न होते, तो वे मनुष्य तक कैसे पहुँचते? जो तत्व मूल स्रोत में विद्यमान नहीं है, वह उसके अंश में कैसे समाहित हो सकता है? मनुष्य की सबसे बड़ी गलती यही है कि वह इन गुणों को अपना निजी अधिकार समझकर घमंड में डूब जाता है और उस स्रोत की ओर ध्यान ही नहीं देता, जहाँ से ये गुण आए हैं। ब्रह्मांड की हर चीज़, जीव-जंतु और व्यक्ति निरंतर विनाश की दिशा में बढ़ रहे हैं। इसलिए, सृष्टि का प्रत्येक तत्व जैसे व्यावहारिक सीख दे रहा है कि मेरी ओर मत निहारो, मैं तो क्षणभंगुर हूँ और टिकूँगी नहीं, मुझे रचने वाले की ओर दृष्टि दो…







