Quote Of The Day :
- बेहतर जीवन विकल्प के लिए रिस्क तो लेना ही पड़ेगा..!
- हर उस व्यक्ति को त्याग दो…
जो तुम्हारी पीड़ा का कारण बने।
प्रभु का दर्शन कष्ट में होता है
एक बार एक आदमी संत सादिक के पास गया। सादिक बहुत पहुंचे हुए व्यक्ति थे। उस आदमी ने उनसे कहा, मुझे अल्लाताला से मिलवा दीजिये ।
संत बोले, तुम्हें मालूम नहीं कि मूसा से कहा गया था कि तू मुझे नहीं देख सकता । वह आदमी बोला, जानता हूं, लेकिन एक शख्स यह भी तो कहता है कि मेरे दिल ने परवरदिगार को देखा। एक दूसरा आदमी कहता है कि मैं अपने उस ईश्वर की उपासना करूंगा, जिसको मैं देख सकूं। उसकी यह गर्वोक्ति सुनकर संत ने कहा, इसके हाथ-पैर बांधकर नदी में डाल दो। यही किया गया। नदी में गिरते ही पानी ने उसे ऊपर उछाल दिया।
फिर वह नीचे चला गया। कई बार ऐसा हुआ। उसने चिल्ला-चिल्लाकर मदद मांगी, पर किसी ने मदद न दी। अंत में निराश होकर उसने कहा – या अल्लाह !
उसके इतना कहते ही संत ने उसे बाहर निकलवा लिया। पूछा, क्या तूने अल्लाह को देखा ?
वह बोला, जब तक मैं दूसरों को पुकारता रहा तब तक मैं परदे में रहा। लेकिन आखिर में निराश होकर जब मैंने अल्लाह से फरियाद की तो मेरे दिल में एक सूराख – सा खुला । संत ने कहा, देख, जबतक तू दूसरों को पुकारता रहा, झूठा था। अब तू उस सूराख की हिफाजत कर, जिससे तुझे ईश्वर का दर्शन होगा।
किसी ने ठीक ही कहा है, प्रभु का दर्शन कष्ट में होता है।







