लखनऊ, 28 नवंबर 2025 : शहर में इस समय दो जगह भक्ति का महासागर उमड़ रहा है।
1. राजाजीपुरम (जलालपुर क्रॉसिंग)
श्री रामकथा के पांचवें दिन हरिओम तिवारी जी ने कहा –
“कीर्तन-भजन ध्यान का सबसे आसान तरीका है। अच्छी कथा सुनोगे तो दिमाग में गंदे विचार नहीं आएंगे, आलस्य भागेगा, मन शुद्ध रहेगा।
आज का युवा अगर भागवत-रामकथा नहीं सुनेगा तो उसकी चेतना कभी नहीं जागेगी।”

2. श्याम मंदिर, बीरबल साहनी मार्ग
श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन किरीट भाई जी ने रुकमणी-कृष्ण विवाह और महारास का प्रसंग सुनाया।
श्रद्धालु झूम उठे जब सुना –
“शिवजी भी महारास देखने गोपी बन गए और गोपेश्वर महादेव कहलाए।
सच्ची भक्ति में ‘मैं’ खत्म हो जाता है, सिर्फ भगवान रह जाते हैं।
रुकमणी जी ने एक चिट्ठी लिखी और कृष्ण उन्हें लेकर द्वारका भाग गए!”दोनों जगह भक्तों की भीड़, कीर्तन, भजन और आंसुओं की धारा।
लखनऊ इस समय पूरी तरह राम-मय और कृष्ण-मय हो चुका है।






