लखनऊ, 19 फरवरी 2026 : उत्तर प्रदेश में ईको-टूरिज्म को मिली नई रफ्तार! राज्य सरकार ने 10 खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) ने इन 10 स्थलों के संचालन और रखरखाव के लिए निजी कंपनियों, संस्थाओं से प्रस्ताव मांगे हैं। PPP मॉडल पर चलने वाली ये परियोजनाएं शुरुआत में 15 साल के लिए सौंपी जाएंगी (बढ़िया प्रदर्शन पर आगे बढ़ सकती हैं)।
ये हैं वो 10 धमाकेदार स्पॉट:
- अयोध्या की उधेला झील
- ललितपुर का करकरावल जलप्रपात (बदरौन)
- बाराबंकी की बघर झील
- बलिया का मैरीटार गांव
- सीतापुर की अज्जेपुर झील
- महाराजगंज का देवदह
- कुशीनगर की रामपुर सोहरौना झील
- चित्रकूट का रामनगर
- जालौन का पचनदा
- बांदा (नरैनी) में कालिंजर किले के पास पर्यटन सुविधा केंद्र
लाभ? प्रोफेशनल मैनेजमेंट से पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार, आधुनिक सुविधाएं और जिम्मेदार पर्यटन का मॉडल बनेगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का कहना है – “यूपी अपनी जैव-विविधता और प्राकृतिक धरोहर से ईको-टूरिज्म का हब बनेगा। ये दूरदर्शी कदम प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा!”
आवेदन की आखिरी तारीख: 27 फरवरी 2026 (शाम 6 बजे तक)
पूर्ण डिटेल्स और RFP यहां चेक करें: https://upecoboard.up.gov.in/en/tenders
क्वेरी के लिए: +91 96217 79671 या upetdb@gmail.comयूपी अब सिर्फ धार्मिक पर्यटन नहीं, बल्कि हरित पर्यटन का नया पावरहाउस बनने को तैयार है!







