आवाज के बाजीगर एडगर बर्गेन

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एक लड़के का परिवार स्वीडन से इलिनॉय (शिकागो) में आकर रहने लगा। उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय थी। लड़का बहुत प्रतिभाशाली था। घर की बुरी स्थिति देखकर उसने सोचा कि उसे भी ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे कि उसके परिवार की मदद हो सके। उसने अनेक कार्यों में हाथ आजमाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। एक दिन वह चिंतामग्न बैठा था तो उसके मित्र ने उसकी चिंता का कारण पूछा।

उसकी बात सुनकर मित्र बोला, ‘मैंने कई लोगों को फटॉग्रफी में अच्छी कमाई करते देखा है। तुम फटॉग्रफी जानने के लिए एक पुस्तक मंगाओ। उसे पढ़कर तुम कुछ ही समय में फटॉग्रफी का काम कर सकते हो।’ मित्र की बात मानकर लड़के ने एक प्रकाशक के पास रुपयों के साथ ही फटॉग्रफी की पुस्तक के लिए मांग भेज दी। प्रकाशक ने लड़के के पास फटॉग्रफी के बजाय आवाज की बाजीगरी की पुस्तक भेज दी। लड़के ने पुस्तक को देखकर सोचा कि इस पुस्तक से उसे कोई भी काम नहीं मिल पाएगा न ही इससे वह कुछ सीख पाएगा।

कुछ दिन तक वह पुस्तक यूं ही रखी रही। आखिर एक दिन लड़के ने पुस्तक पढ़नी आरंभ कर दी। पुस्तक पढ़ने के बाद लड़का बेहद प्रभावित हुआ। उसने पुस्तक के अनुसार आवाज की बाजीगरी करनी आरंभ कर दी। वह दिन प्रतिदिन अभ्यास करता रहा और उसकी आवाज में जादू उत्पन्न होता गया। इसके बाद उसने यही काम करना शुरू कर दिया। इसके बाद तो उस लड़के की आवाज की बाजीगरी का जादू ऐसा चला कि आगे चलकर यही लड़का प्रसिद्ध मनोरंजनकर्ता एडगर बर्गेन के रूप में प्रसिद्ध हुआ। एडगर बर्गेन चालीस साल से अधिक समय तक चार्ली मैककार्थी नाम के कठपुतले से बेहद प्रसिद्ध हुए। इतना ही नहीं, उनका शो इतना प्रसिद्ध था कि लोगों में उसे देखने के लिए होड़ लग जाती थी।

जन्म Feb. 16, 1903, Chicago, Ill., U.S.— मृत्त्यु Sept. 30, 1978, Las Vegas, Nev. America

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