वीएन विद्यांत से प्रेरणा लें:
लखनऊ, 05 जनवरी 2019: लखनऊ के विद्यांत हिंदू कॉलेज में आज शनिवार को संस्थापक दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक और महिला बाल कल्याण मंत्री स्वाति सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एसपी सिंह, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो माहरुख मिर्जा, प्रबंधक शिवाशीष घोष, प्रचार्या प्रो धर्म कौर ने भी विचार व्यक्त किये। संयोजक डॉ राजीव शुक्ला थे। संचालन डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने किया। साक्षी पत्रिका का लोकार्पण, होनहार विद्यर्थियो को विद्यांत गोल्ड मेडल और सांस्कृतिक प्रस्तुति मुख्य आकर्षण थे।
इस मौके पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज को सही दिशा निर्देश देना है। शिक्षक समाज को रोशनी प्रदान करने वाला वो सूर्य है जो अपनी किरणों से अज्ञान रूपी अंधकार को नष्ट करते हुए ज्ञान रूपी प्रकाश फैलाता है। हम शिक्षक शिक्षा का समग्र दृष्टि से अवलोकन करेंगे तो पाएंगे कि यह वह सेतु है जो हमको समाज से जोड़ता है। समाज के विभिन्न क्रियाकलापों से हमारा संबंध स्थापित करता है।
त्याग और समपर्ण की प्रतिमूर्ति के रूप स्थापित हुए विक्टर नारायण विद्यांत एक अनूठा उदाहरण हैं। जिन्होंने पूरी सम्पत्ति समाज हित मे दान कर दी। अपनी विदेशी कार भी एक मठ को सौंप दी। उनके इस कृतित्व से छात्रों को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। श्री पाठक ने कहा कि सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और नकल विहीन परीक्षा की दिशा में कारगर कदम उठाए है।

महिला कल्याण राज्य मंत्री स्वाति सिंह ने कहा कि नैतिक शिक्षा के अभाव से हमारी शिक्षा का महत्व अधूरा होता है। वर्तमान समय में विद्यार्थी अपनी भारतीय संस्कृति व नैतिक मूल्यों के प्रति और भी जवाब देही बढ़ जाती है। इसका ध्यान रखना चाहिए। शिक्षा वही जो अच्छे संस्कार व सकारात्मक विचार दें। वर्तमान सरकार शिक्षा के माध्यम से नैतिकता को बढ़ावा देना चाहती है।
विक्टर नारायण का भी जीवन वैभव से पूर्ण था। विदेशी वाहन, चांदी के बर्तन, सेवक , हवेली आदि सभी सुविधाएं थी। लेकिन एक समय ऐसा भी आया कि उन्हें इस सबसे विरक्ति हो गई। उन्होंने अपनी समूर्ण सम्पत्ति विद्यांत सहित अनेक विद्यालयों के खोलने में लगा दी।
https://youtu.be/5Ebh9TLabRg
लखनऊ विवि के कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक प्राध्यापक को अपने अंदर विशेष गुणों का समावेश अनिवार्य है। अपनी कार्यशैली निर्धारित करते हुए विद्यार्थियों से संवाद रहना कायम चाहिए।
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विवि के कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा ने कहा कि शिक्षा का स्रोत हमारे देश की जरूरतों, संस्कृति व प्रकृति के अनुरूप होने चाहिए। शिक्षा सिर्फ सरकार का विषय नहीं है, सरकार का दायित्व नीति बनाने व संसाधन जुटाने तक है, इसकी जिम्मेदारी समाज पर भी है।
विद्यांत कालेज के प्रबंधक शिवाशीष घोष ने बताया कि महाविद्यालय में ढांचागत सुविधाओ का विस्तार किया गया है। विवेकानन्द सभागार के बाद छह बड़े क्लास रूम का निर्माण पूरा हो चुका है।
प्रचार्या प्रो धर्म कौर ने बताया कि महाविद्यालय में अनुशासन, पठन पाठन , स्पोर्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। समय समय पर संगोष्ठी, परिचर्चा के कार्यक्रम भी आयोजित होते है।विद्यांत कॉलेज उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर है।
साक्षी पत्रिका का लोकार्पण:
इस अवसर पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका का लोकार्पण बृजेश पाठक, स्वाति सिंह, प्रो एसपी सिंह और माहरुख मिर्जा ने किया। पत्रिका का सम्पादन डॉ बृजेश कुमार और डॉ राम शंकर ने किया है।
विद्यांत गोल्ड मेडल से सम्मानित हुए होनहार:
विभन्न कक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यर्थियो को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 1. सार्थ गुप्ता – डॉ. डी. एन. बोस स्वर्ण पदक
2. इन्दर प्रीत सिंह – रादुलारी अग्रवाल स्वर्ण पदक
3. रिचा अग्रवाल – सरोजिनी श्रीवास्वज स्वर्ण पदक, कैलाशनाथ श्रीवास्तव स्वर्ण पदक, विद्यान्त स्वर्ण पदक
4. कृतिका भटनागर – प्रो. के. सी. सरकार स्वर्ण पदक, विद्यान्त स्वर्ण पदक
5. पूजा कश्यप और आदित्य कुमार यादव – भारत सिंह भटनागर स्वर्ण पदक
6. निशा मिश्रा – विद्यान्त स्वर्ण पदक
7. गौरव सिंह – विद्यान्त स्वर्ण पदक
8. प्रिन्स मौर्या – शक्ति-ज्योत्सना स्वर्ण पदक
9. वैभव दीक्षित – डी. एन. बोस स्वर्ण पदक
10. ऊषा देवी – विद्यान्त स्वर्ण कि
11. शुभम शर्मा – विद्यान्त स्वर्ण पदक






