अन्तर्राष्ट्रीय स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल-2019 का दूसरा दिन: ‘विश्वविख्यात क्वालिटी विशेषज्ञों का मत: क्वालिटी विचारधारा’ को अपनाकर ही भावी पीढ़ी उन्नति कर सकती है
लखनऊ, 28 नवम्बर 2019: सीएमएस में चल रहे चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल सम्मेलन (आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019) के दूसरे दिन क्वालिटी विशेषज्ञों के सारगर्भित विचारों से ओतप्रोत रहा। इन प्रख्यात विशेषज्ञों ने युवा पीढ़ी को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में ‘क्वालिटी की भावना’ को आत्मसात करने पर जोर देते हुए इसे जीवन के सर्वोच्च शिखर पर पहुँचने का सशक्त माध्यम बताया।
क्वालिटी विशेषज्ञों ने छात्रों को जीवन में उत्कृष्टता लाने के लिए पढ़ने की प्रणाली व जीवन शैली में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया, साथ ही चरित्र निर्माण, टीम वर्क, सहयोग की भावना, विचारों के आदान-प्रदान के महत्व पर भी जोर दिया। इसके अलावा देश-विदेश के प्रतिभागी छात्रों ने कोलाज एवं केस स्टडी प्रजेन्टेशन प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का जोरदार प्रदर्शन किया।

इससे पहले, आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019 के दूसरे दिन का शुभारम्भ प्रख्यात शिक्षाविद् एवं लेखिका श्रीमती अनीता अराथून के सारगर्भित अभिभाषण से हुआ।
डा. ए. सेन्थिल कुमारान, चीफ कान्फ्लएन्सर, द लर्नस कान्फ्लुएन्स, ने कीनोट एड्रेस देते हुए कहा कि किसी भी विद्यालय में गुणवत्ता लाने के लिए अच्छा वातावरण होना चाहिए। स्कूल का वातावरण ही इस बात द्योतक है कि शिक्षक कितनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है।
सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि विश्व के विभिन्न देशों से आये प्रख्यात क्वालिटी विशेषज्ञों का सारगर्भित अभिभाषण कल भी जारी रहेगा। इसके अलावा, ‘वेज टु मेक इंग्लिश टीचिंग मोर इन्ट्रेस्टिंग’ एवं ‘मास्टर क्लास लीडरशिप’ विषयों पर कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा देश-विदेश के प्रतिभागी छात्रों के लिए कल 29 नवम्बर को वाद-विवाद, पोस्टर एवं स्लोगन मेकिंग एवं नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी।






