राजनीतिक पार्टियों की हर हाल में चुनाव जीतने की सोच हावी हो गई है: चुनाव आयुक्त

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लगातार गिरते राजनीतिक स्तर और नैतिकता पतन के मामले में चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने एक बड़ा बयान दिया है। ओपी रावत ने कहा कि आज हर हाल में चुनाव जीतने की सोच हावी हो गई है और राजनीतिक पार्टियां हर हाल में चुनाव जीतना चाहती हैं।

खत्म होती जा रही है नैतिकता: एडीआर के एक कार्यक्रम में चुनाव आयुक्त ने कहा कि जब चुनाव निष्पक्ष और साफ सुथरे तरीके से होते हैं तो लोकतंत्र भी आगे बढ़ता है। हालांकि, अब आम आदमी ये सोचने लगा है कि चुनाव जीतने की स्क्रिप्ट पहले से लिखी जा रही है और हर कीमत पर चुनाव जीतना है, जहां नैतिकता के लिए कोई जगह नहीं होती।

खरीद-फरोख्त का बढ़ा चलन: ओपी रावत ने कहा कि इन हालात में जन प्रतिनिधियों की खरीद फरोख्त को बेहतरीन राजनीतिक प्रबंधन माना जाता है। इस काम में राज्य की मशीनरी भी इस्तेमाल की जाती है। चुनाव आयुक्त ने इससे मुक्ति की वकालत की। उन्होंने इससे मुक्ति के लिए राजनीतिक पार्टियों, मीडिया और आम नागरिकों की भागीदारी पर जोर दिया।

गुजरात राज्यसभा चुनाव पर दिया बयान: बीते दिनों गुजारत में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी-कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। कांग्रेस को अपने विधायकों को बेंगलुरू के रिसॉर्ट में रखना पड़ा, क्योंकि उन्हें अपने विधायकों की खरीद फरोख्त का डर सता रहा था, जबकि बीजेपी गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को हराकर बड़ा संदेश देना चाहती थी. दोनों पार्टियों ने इस लड़ाई को चुनाव आयोग में भी लड़ा। राज्यसभा के इस चुनाव में कांग्रेस के कैंडिडेट अहमद पटेल की जीत हुई थी।

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