नई दिल्ली,15 मई। कर्नाटक चुनाव नतीजों के बीच बीजेपी नेता जिस समय जीत का जश्न मनाने में जुटे थे और उसके प्रवक्ता न्यूज चैनलों में बयान देने में लगे थे, उस वक्त कांग्रेस के दो दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत राज्य की सत्ता में बीजेपी को रोकने की रणनीति पर काम कर रहे थे। आखिरकार कांग्रेस को इसमें सफलता मिलती दिख रही और नतीजों के बीच ही कांग्रेस ने जेडीएस के साथ सरकार बनाने का बड़ा ऐलान कर दिया।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव नतीजों में किसी भी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनकर उभरी है, लेकिन जादुई आंकड़े से करीब सात सीट दूर दिख रही है। फिलहाल कांग्रेस को 77 और जेडीएस को 38 सीटें मिलती हुई नजर आ रही हैं।
नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार; कर्नाटक विधानसभा चुनावों कीं 222 सीटों में से बीजेपी 104 सीटों पर आगे बढ़ रही है, कांग्रेस 78 पर आगे है और जेडी-एस 38 तक पहुंच गई है और अन्य २ पर बढ़ रही हैं। यदि कांग्रेस और जेडी-एस गठबंधन 78 + 38 = 116 सीटों के साथ आते हैं, तो वे जादूई अंक को 112 पार कर सकते हैं और सरकार बना सकते हैं, लेकिन एकमात्र सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी युद्ध के मैदान में उतरी और कर्नाटक के राज्यपाल वाजूभाई वाला के साथ उनकी बैठक चल रही है।

बीजेपी कर्नाटक में चुनावी जंग फतह करने के खुशी में डूबी हुई थी, जबकि त्रिशंकु विधानसभा की हालत देखकर कांग्रेस खेल करने में जुट गई। कांग्रेस बीजेपी की सत्ता की राह में रोड़े बनकर खड़ी हो गई है। गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात की और पूरी राजनीतिक हालत पर चर्चा की। इसके बाद जेडीएस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाने का दांव चलकर बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया है।
जेडीएस से बात करने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती को भी इस काम में लगाया गया है। मायावती ने कर्नाटक में जेडीएस के साथ मिलकर चुनाव लड़ी हैं और उनकी पार्टी के एक विधायक ने जीत भी दर्ज की है। ऐसे में मायावती ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और कुमारस्वामी के साथ बातचीत करके उनको कांग्रेस के साथ सरकार बनाने के लिए राजी कर लिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने जेडीएस को किसी भी कीमत में बीजेपी के साथ न जाने की भी सलाह दी है।
जेडीएस के राजी होने के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी देवगौड़ा से बात करके सरकार बनाने का फॉर्मूले तय किया। कांग्रेस और जेडीएस के बीच तय हुआ है कि कुमारस्वामी मुख्यमंत्री होंगे और कांग्रेस के कोटे में डिप्टी सीएम का पद मिलेगा. इसके लिए जी परमेश्ररा के नाम को भी बकायदा सुझाया गया हैं।
इसके अलावा इस गठबंधन में 34 मंत्री होंगे, जिसमें से कांग्रेस के कोटे से 20 और जेडीएस के कोटे से 14 मंत्री होंगे।
कांग्रेस और जेडीएस के बीच पकती खिचड़ी को भांपकर बीजेपी नेता भी सक्रिय हो गए हैं। पार्टी आलाकमान ने अपने तीन कैबिनेट मंत्री को कर्नाटक के लिए रवाना किया है। येदियुरप्पा दिल्ली आने वाले थे, लेकिन उन्हें वहीं रुकने की सलाह दी गई और वो राज्यपाल से मिलने जा रहे हैं।







