सुशांत सिंह राजपूत के उलझते केस में सीबीआई की इंट्री

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बॉलीवुड इंडस्ट्री कितनी रहस्यमयी है इस बात का खुलासा सुशांत सिंह राजपूत के फैंस को जब लगा तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गयी। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस मामले जाँच कर रही बिहार पुलिस के डीजीपी ने जब सीबीआई जांच कि सिफारिश की तो शिवसेना के समाचार पत्र सामना के एडिटर संजय राउत ने इस जाँच को सिरे से ख़ारिज कर दिया। क्योंकि संजय राउत को मुंबई पुलिस की कार्य शैली पर पूरा भरोसा था। बिहार पुलिस ने कहा कि अब इससे साफ़ पता चलता है कि सुशांत केस में न्याय नहीं हो रहा था, सिर्फ लीपापोती हो रही थी। इस केस में कितने बड़े रसूख कितना बड़ा गेम कर रहे थे बिहार सरकार की पुलिस को इस बात का अंदाजा तभी हो गया था जब एसपी विनय तिवारी को मुंबई पुलिस ने चौदह दिनों के लिए कोरेनटाइन कर दिया था।

फिलहाल फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए राज्य सरकार ने अपनी सिफारिश भेज दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं ट्वीट कर यह जानकारी दी। बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत के पिता के. के. सिंह की सहमति प्राप्त हो गयी है और अब राज्य सरकार सुशांत के मौत मामले की सीबीआई से जांच की अनुशंसा आज ही कर देगी। नीतीश ने कहा, आज सुबह ही हमारे डीजीपी (गुप्तेश्वर पांडेय) से उनकी (दिवंगत अभिनेता के पिता की) बातचीत हुई है और उन्होंने अपनी सहमति दे दी है, जिसकी सूचना डीजीपी ने दी तथा तुरंत सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा यहां से जा रही है।

फिलहाल मंगलवार को केंद्र सरकार ने बिहार पुलिस की सीबीआई जांच की मांग की सिफारिश को मान लिया है। अब देखना यह है जांच को सही दिशा मिलेगी या यह भी उसी दिशा में काम करेगी जिस दिशा में मुंबई पुलिस काम कर रही है।

वास्तव में तमाम ऐसी बातें भी हैं जो आम लोगों की निगाहों में नहीं आतीं और इसीलिए इसको एक रहस्यमय स्वरूप दे देती हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला भी कुछ ऐसा ही है। शुरू-शुरू में इसे विशुद्ध आत्महत्या का मामला माना गया लेकिन धीरे-धीरे इसमें किरदार जुड़ते गए, कहानियां जुड़ती गईं और अब इसमें प्रवर्तन निदेशालय ने सुशांत की एक मित्र पर धनशोधन यानी मनी लांड्रिंग का केस कायम किया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं जो अपने आप में काफी सनसनीखेज भी कहे जा सकते हैं। यही कारण है कि विभिन्न लोगों द्वारा इस पूरे मामले की सीबीआईजांच की मांग भी की जा रही है। मजे की बात यह कि जितनी पुरजोर यह मांग है, उतना ही जबर्दस्त इसका विरोध भी है।

अगर इन सब बातों पर गौर करें तो पता चलता है कि जो चमक-दमक इस जिंदगी में देखी और सुनी जाती है, हकीकत की जिंदगी में वैसा होता नहीं है। सुशांत सिंह राजपूत उन कलाकारों में माने जाते थे जिन्होंने अपने बलबूते पर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई थी और कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ी थीं। स्वाभाविक है कि उनका यह सफर कई लोगों को अच्छा नहीं लगा होगा तो कुछ लोग उनसे फायदा उठाने की कोशिश भी कर रहे होंगे। इन सबका नतीजा उनके अंत के रूप में सामने आया। शायद सुशांत को भी इस बात का एहसास नहीं रहा होगा कि वे किस तरह के बवंडर से घिरते जा रहे हैं। नतीजा वही हुआ जो ऐसे मामलों में होता है। अब जबकि यह मामला नित नए मोड़ लेता जा रहा है, तो कोई ताज्जुब नहीं कि इस पूरे मामले में बेहद चौंका देने वाले तथ्य भी सामने आएं। जिससे कि बड़े मगरमच्छों के चमकते चेहरे बेनकाब हो !

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