Home इंडिया दोस्ती के मायने ही कुछ और हैं

दोस्ती के मायने ही कुछ और हैं

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दोस्ती…एक ऐसा खुशनुमा एहसास, जो आपको कभी अकेला नहीं छोड़ता…

तो दोस्तों जो हर कदम पर, आपका साथ देने के लिए कभी भी तैयार होता है, और जिसे जीने की कोई उम्र कोई सीमा कोई बंधन नहीं होता जिसमें न तो शिकवे, शिकायतों की जगह है, न ही माफी और शुक्रिया अदा करने की… यह रिश्ता बस जीने की सीख देता है, हर पल… हर तरह से… हर उम्र में…
हर एहसास के साथ … इसीलिए तो हर दिल अजीज है दोस्ती…

हर दिल अजीज है ए दोस्त तू मेरे लिए
जिंदगी लाख भी मिले तो लुटा दूं तेरे लिए ….

दोस्ती के इसी रिश्ते का उत्सव मनाने के लिए हर साल अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है – फ्रेंडशिप डे यानि मित्रता दिवस। एक ऐसा दिन जब हर कोई चाहे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न बैठा हो, अपने दोस्त को जरूर याद करता है। और अगर बात हो स्कूल या कॉलेज लाईफ की, जब सारे दोस्त आसपास ही हों, तो हर दिन फ्रेंडशिप डे ही तो होता है।
दोस्त है तो हर पल रंगीन है, दोस्त है तो ये जिंदगी हसीन है

दोस्त संग हंसती बीते गम की रात भी
वो गर साथ हो उम्र भर तो फीकी है, हर सौगात भी …

सच, दोस्तों का साथ जिंदगी में किसी उत्सव से कम नहीं है। लेकिन एक वक्त के बाद हम जिंदगी की व्यस्तताओं में इतने उलझ जाते हैं, कि कई बार चाह कर भी दोबारा पुराने दोस्तों से नहीं मिल पाते, जिनके साथ कभी सुबह से शाम गुजरते पता भी नहीं चलता था। लेकिन यही दोस्त हमारे जीवन की सबसे अनमोल पूंजी होते हैं।इन्हें देखकर ही तो यह एहसास होता है, कि हमने चार दिन की इस जिंदगी में क्या खोया, और क्या पा लिया है….

उम्र भर की पूंजी, दोस्ती की शक्ल में पाई मैंने
कुछ इस तरह अपनी शख्स‍ियत बनाई मैंने …
ये सारे दोस्त मेरे रत्न हैं, लाखों-करोड़ों के यही
बात अब तक किसी को ना बताई मैंने. ..