इस समय रमजान का पाक महीना चल रहा है। जिस दिन रमजान का पाक माह खत्म होता है ठीक उसके अगले दिन ईदउल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इसे मीठी ईद भी कहते हैं। आज जानते हैं कि ईद-उल फितर का त्योहार इस साल कब है?
ईद-उल-फितर का त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को मनाया जाता है। ईद-उल-फितर के दिन मस्जिदों को सजाया जाता है। लोग नए कपड़े पहनते हैं, नमाज पढ़ते हैं, एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद देते हैं। घरों पर मीठे पकवान खासकर मीठी सेवई बनाई जाती है।
चांद देखने का महत्व:
जागरण अध्यात्म में आज जानते हैं कि ईद-उल-फितर का त्योहार इस साल कब है? ईद-उल-फितर 2021 ईद-उल-फितर का त्योहार चांद के निकलने पर निर्भर करता है। इस वर्ष यदि चांद 13 मई दिन गुरुवार को निकलता है तो उसके अगले दिन 14 मई दिन शुक्रवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। यदि चांद 13 मई को निकलता है तो पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार 14 मई दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा।
सही तारीख का निर्धारण चांद के निकलने पर ही निर्भर है। चांद के निकलने का महत्व दरअसल इस्लामिक कैलेंडर चांद पर आधारित है। चांद के दिखाई देने पर ही ईद या प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। रमजान के पवित्र माह का प्रारंभ चांद के देखने से होता है और इसका समापन भी चांद के ?निकलने से होता है। रमजान के 29 या 30 दिनों के बाद ईद का चांद दिखता है।

ईद का महत्व मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद साहब के नेतृत्व में जंगए-बद्र में मुसलमानों की जीत हुई थी। जीत की खुशी में लोगों ने ईद मनाई थी और घरों में मीठे पकवान बनाए गए थे। इस प्रकार से ईदउल-फितर का प्रारंभ जंग-ए-बद्र के बाद से ही हुई थी।ईद-उल-फितर के दिन लोग अल्लाह का शुक्रिया करते हैं। उनका मानना है कि उनकी ही रहमत से वे पूरे एक माह तक रमजान का उपवास रख पाते हैं। आज के दिन लोग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गरीब लोगों में बांट देते हैं। उनको उपहार में कपड़े, मिठाई, भोजन आदि देते हैं।







