हवाई मार्ग से मानवीय सहायता के लिए आटा, चीनी, दवाइयां और डिब्बाबंद खाद्य सामग्री गाजा में उतारी
नई दिल्ली, 28 जुलाई। इजराइल ने 22 महीने से जारी हमास के खिलाफ जंग के बीच रविवार को गाजा में पहली बार मानवीय सहायता पहुंचाई। इजराइली सेना (आईडीएफ) ने हवाई मार्ग से आटा, चीनी, दवाइयां और डिब्बाबंद खाद्य सामग्री गाजा में उतारी। यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से उठाया गया है। गाजा में भुखमरी से अब तक 124 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 81 बच्चे शामिल हैं। केवल जुलाई में ही 40 लोग, जिनमें 16 बच्चे थे, भूख के कारण मारे गए।
सामरिक विराम और सुरक्षित रास्तों का ऐलान
इजराइल ने गाजा सिटी, देयर अल-बलाह और मुवासी में हर दिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक ‘सामरिक विराम’ लागू करने की घोषणा की। यह कदम गाजा में गहराते खाद्य संकट और मानवीय स्थिति को सुधारने के लिए उठाया गया है, जो अगली सूचना तक जारी रहेगा। इन इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने में बाधाओं को देखते हुए सुरक्षित मार्ग स्थापित किए जाएंगे, ताकि विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी), रेड क्रॉस जैसी एजेंसियां भोजन और अन्य जरूरी सामान जरूरतमंदों तक पहुंचा सकें।
पहले रोका, अब मदद करने का दावा
मार्च से मई तक इजराइल ने गाजा में बाहरी सहायता पर रोक लगाई थी। अब इजराइल का कहना है कि वह सहायता वितरण में रुकावट नहीं डालेगा। मई के बाद से 4,500 ट्रकों को गाजा में प्रवेश की अनुमति दी गई, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, प्रतिदिन 500-600 ट्रकों की जरूरत है। भीड़ और लूटपाट के कारण अधिकांश सहायता जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाती।
हमास पर आरोप, संयुक्त राष्ट्र और खाद्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी
इजराइल का दावा है कि हमास राहत सामग्री का दुरुपयोग करता है, हालांकि इसके लिए कोई ठोस सबूत नहीं दिए गए। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी वितरण प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बताया। संयुक्त राष्ट्र और खाद्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गाजा में अकाल जैसी स्थिति बन सकती है।
राहत एजेंसियों की मांग: ठोस कदम उठाने की जरूरत है
राहत एजेंसियों का कहना है कि केवल युद्धविराम पर्याप्त नहीं है। सुरक्षित और निर्बाध सहायता वितरण के लिए और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। गाजा में मानवीय संकट को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और सहयोग की अपील की जा रही है।







