गणेशोत्सव 25 से: कोलकाता से तैयार होकर आयेगी गणपति बप्पा की विशाल प्रतिमा

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  • झूलेलाल वाटिका पर गणेशोत्सव 25 से तैयारियां अन्तिम चरण में
  • मनौतियों के राजा का बड़ा सच्चा दरबार है
  • अपने भगतों के पल में भर देते भण्डार है
लखनऊ 23 अगस्त। श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से 12वां श्री गणेश प्राकट्य महोत्सव का आयोजन 25 अगस्त से 5 सितम्बर तक झूलेलाल वाटिका निकट हनुमान सेतु के पास किया जायेगा। मनौतियों के राजा के नाम से होने वाला सबसे बड़े गणेश उत्सव के लिए स्थापित होने वाली गजानन की सबसे बड़ी प्रतिमा राजधानी के मूर्तिकार श्रवण प्रजापति की देखरेख में करीब दो दर्जन कारीगर कोलकाता में तैयार कर रहे हैं। करीब 16 कुंटल मिट्टी की लगभग 10 फीट ऊंची मूर्ति को सिद्ध विनायक का रुप दिया गया है। यह जानकारी श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से कार्यक्रम स्थल पर बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि 12 दिनों तक चलने वाले महोत्सव की शुरुआत 25 अगस्त को प्रातः 9:30 बजे मूर्ति स्थापना, श्रंगार एवं पूजन के साथ उत्सव का आगाज होगा। उन्होंने बताया कि श्रंगार एवं आरती प्रतिदिन प्रातः 10 बजे एवं सायं 6:00 बजे होगी। इसमें सभी श्रद्धालु भाग ले सकते हैं । इसके अलावा प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से प्रातः 9:30 बजे तक, उसके बाद प्रातः 10:00 बजे से अपरान्ह 5:00 बजे तक एवं सायं 6:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक मनौतियों के राजा के दर्शन होंगे।
भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि विगत वर्षो की भांति इस बार भी मनोतियों के राजा श्री गजानन के नाम चिट्ठी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 6:00 बजे तक श्रद्धालु लिख सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसमंे प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मनौती की चिट्ठी लिखते हैं। करीब दो लाख वर्ग फुट में होने वाले उत्सव में बप्पा का 80 फुट ऊंचा वाटरफ्रुफ पण्डाल तैयार हो रहा है। पण्डाल की खास बात यह है कि इस पण्डाल को हिन्दू मुस्लिम एकता की मिशाल पेश करते हुये मुस्लिम भाई और हिन्दू भइयों बप्पा का पण्डाल बना रहे हैं। 10-10 वर्गफुट की करीब सौ दुकाने सज रही है जिनपर बच्चों एवं महिलाओं के लिये चाट, फास्ट-फ्रूड एवं आइस्क्रीम की दुकाने व बड़े बूढ़ो के पसन्द की सामग्री भी मिलेगी। पण्डाल के बाहर महोत्सव का रुप दिया जा रहा है। स्थल पर आने वालों के लिए पार्किंग की विशेष सुविधा दी जायेगी। उन्होंने बताया भगवान गजानन को चढ़ाने के लिए 25 रुपये में दो लड्डू मेवें के मिलेंगे। उन्होंने बताया पण्डाल का बीमा पहले की तरह इस बार भी 10 करोड़ का कराया गया है।
संरक्षक घनश्याम दास अग्रवाल ने बताया कि गजाानन के दर्शन करने के लिये आने वाले वृद्धों एवं विकलांगों को लाइन नही लगानी पड़ेगी। कमेटी द्वारा उन्हें दर्शन कराया जायेगा। उन्होंनेे बताया कि कीमती सोने, चांदी के जेवरों से सजे गणपति को विशेष सुरक्षा घेरे में रखा जायेगा। पण्डाल के चारो तरफ नौ फुट ऊंची बेरीकेटिंग की जायेगी तथा 50 सीसी टीवी कैमरे और लगभग 80 सुरक्षाकर्मियों के पहरे में लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि झूलेलाल वाटिका गोमती तट पर होने वाले पहले गणेशोत्सव में इस बार लेजर लाईट एवं एलईडी लाईटें आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। कोलकाता से आये कारीगर पिछेले 20 दिनों से हनुमान सेतु से लेकर पण्डाल तक एलईडी लाईटें लग रही है। लाइटें भी नई डिजाइन की आयी है जो जलते ही लोगों को आकर्षित करेंगी।
संरक्षक सुरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि विगत वर्षो की भांति इस बार भी मनोतियों के राजा श्री गजानन के नाम चिट्ठी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 6:00 बजे तक श्रद्धालु लिख सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसमे प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मनौती की चिट्ठी लिखते हैं। 12 दिवसीय भव्य आयोजन में प्रतिदिन कोलकाता के श्री संजय शर्मा और लखनऊ के सिद्धू  महाराज के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, नृत्य नाटिका का मंचन होगा। जिसमें मुख्य बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, ग्रीन इण्डिया, क्लीन इण्डिया, एकता में अनेकता, जीएसटी, आतंकवाद, भारत विश्व गुरु जैसे कई सामाजिक सरोकार भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नजर आयेंगे। कार्यक्रम में किसी एक दिन हरिद्धार की तर्ज पर होने वाली गंगा आरती 11 मंचों से होगी। उन्होंने बताया कि सोनी और कर्लस चैनल पर अपनी धाक जमाने वाले हेमंत ब्रजवासी और अजय ब्रजवासी भजनों की रसधारा प्रवाहित करेंगे। इसके अलावा दूरर्शन कलाकार तन्मय चतुर्वेदी, चाहत मेहरोत्रा, आव्या सक्सेना, श्रेया पाण्डेय, फरहा नाज भजनों के माध्यम से अपनी प्रस्तुति देंगे।
मीडिया प्रभारी रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि  5 सितम्बर को शोभा यात्रा झूलेलाल वाटिका से प्रारम्भ होकर विश्वविद्यालय मार्ग, आईटी चैराहा, रामकृष्ण मठ, शंकरनगर, नजीरगंज, डालीगंज होते हुये झूलेलाल वाटिका पर समाप्त होगी। विसर्जन शोभा यात्रा निकलने के बाद गणेश प्रतिमा का झूलेलाल वाटिका के पास भू विसर्जन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस बार से झूलेलाल वाटिका गोमती तट पर पहला आयोजन किया जायेगा। इससे पहले रामाधीन सिंह मैदान में होता था। लेकिन वहा जगह कम पड़ने के कारण स्थान बदला गया। मुख्य आकर्षण- 26 अगस्त को गजरा, रात्रि 8:00 बजे, 29 अगस्त को दूर्वाभिषेक, दोपहर 1:30 बजे, 30 अगस्त  छप्पन भोग, रात्रि 8:00 बजे, 1 सितम्बर  सिन्दूराभिषेक माध्यान्ह 12 बजे, 3 सितम्बर  पाशांकुश पूजन माध्यान्ह 12 बजे, 4 सितम्बर  महाभिषेक माध्यान्ह 12 बजे, 4 सितम्बर  महामोदक रात्रि 8ः00 बजे।
प्रेसवार्ता में श्री गणेश प्रकट्य कमेटी के अध्यक्ष राजेश बंसल, महामंत्री सतीश कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष संजय सिंह (गांधी), कोषाध्यक्ष शरद अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, ‘रिंकू’, देशराज अग्रवाल, योगेन्द्र बंसल, अखिलेश बंसल आदि लोग उपस्थित थे।
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