नई दिल्ली, 16 जून : गुजरात में एक अनोखे शराब तस्करी के मामले का खुलासा हुआ है, जहां एक गैंग इन्वर्टर के बॉक्स में से सारा सामान हटाकर उसमें शराब की बोतलें छिपाकर बेच रहा था। बता दें कि अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने मंगलवार को बैटरी केसिंग में 2.94 लाख रुपये की प्रीमियम शराब की खेप पकड़ी। यह हाई-टेक तस्करी का धंधा काफी समय तक चला, क्योंकि पैकिंग इतनी शानदार थी कि बॉक्स बाहर से बिल्कुल असली इन्वर्टर जैसा दिखता था। पुलिस ने हाल ही में इस गैंग को पकड़ा है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। जाँच के दौरान पता चला कि ऑटोमोटिव बैटरी के रूप में चालाकी से छिपाए गए इस प्रतिबंधित माल को राजकोट पहुंचाया जाना था।
पहली नज़र में, पार्सल में वाहन की बैटरी लगी हुई दिख रही थी। हालांकि, करीब से जांच करने पर पता चला कि ये महज खोखले खोल थे, जिनमें 180 बोतलें भरी हुई थीं। गोदाम के मालिक ने राजकोट से खेप मंगवाने वाले व्यक्ति को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच का सहयोग किया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया जाता है कि जब अधिकारी इंतजार कर रहे थे, तभी एक स्विफ्ट कार उस स्थान पर आकर रुकी। 24 वर्षीय एक व्यक्ति बाहर आया और उसने दिल्ली से आए माल के बारे में पूछताछ की। गोदाम प्रबंधक से मिले पूर्व-निर्धारित संकेत पर कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा के अधिकारियों ने संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। युवक ने खुद को राजकोट का राजपालसिंह राठौड़ बताया। उसने कबूल किया कि उसे राजकोट के जाने-माने तस्कर यश मुन्ना ठाकर की ओर से माल इकट्ठा करने के लिए भेजा गया था। अपराध शाखा के एक अधिकारी ने कहा, “हमने मास्टरमाइंड का पता लगाने के लिए राजकोट में अपने समकक्षों को सूचित किया है।”
सोशल मीडिया पर अब लोग मजाक में इसे “ह्यूमन चार्जिंग बैटरी” का नाम दे रहे हैं, क्योंकि शराब की बोतलें इन्वर्टर बॉक्स में इस तरह पैक की गई थीं कि वे किसी बैटरी की तरह व्यवस्थित थीं। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में इसे दुनिया का “पहला ह्यूमन चार्जिंग बैटरी अविष्कार” कहकर हल्के-फुल्के अंदाज में बात की जा रही है। हालांकि, यह तस्करी का एक गंभीर मामला है, और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में पता चला कि गैंग ने इस तरकीब से लाखों रुपये की शराब की तस्करी की थी।






