2 अक्टूबर से काम करेगा एप, क्यूसीआई शहर का डाटा कलेक्ट करेगी
लखनऊ, अब आपका स्मार्ट मोबाइल आपको नजदीकी शौचालय तक ले जाएगा यह गूगल के माध्यम से संभव हो सकेगा। गूगल मैप के जरिए की यह सुविधा 2 अक्टूबर से शहर में उपलब्ध होगी, अभी मध्य प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में यह सेवा उपलब्ध है। दरअसल, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर में बने व बन रहे हजारों सार्वजनिक शौचालयों की जानकारी गूगल मैप से जोड़ने की योजना है। इससे शौचालय की जरूरत महसूस होने पर अब आपको दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लखनऊ समेत देश के 85 बड़े शहरों में इसे लागू किया जाएगा। शहरी विकास मंत्रालय के साथ मिलकर स्वच्छता में सुधार के लिए गूगल मैप्स पर 20,000 से अधिक सार्वजनिक टॉयलेट के खुलने और बंद होने की जानकारी के साथ लोकेशन को शेयर किया जाएगा। गूगल पर यह जानकारी मोबाइल एप्लिकेशन और डेस्कटॉप दोनों पर सर्च की जा सकेगी। इसके साथ ही उपयोगकर्ताओं को गूगल पर शौचालयों की जानकारी अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में सुलभ होगी। शहर में पूरी तरह से टारगेट के अनुसार शौचालय बनने के बाद भविष्य में टॉयलेट के प्रावधान के बिना निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी।
लखनऊ नगर निगम में अभी 20,063 सार्वजनिक, 1335 सामुदायिक तथा 2000 यूरिनल सीट्स बनाए जाने हैं। पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल, रेलवे व बस स्टेशन के पास भी लोकेशन भी मिलेगी : मंत्रालय ने इस अभियान के तहत नगर निकायों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों, शॉपिंग मॉल, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित सभी शौचालयों को शामिल किया है। यही नही जनता इसे प्रयोग करने के बाद अपना फीडबैक दे सकेगी, जिसके बाद जनता की सभी प्रतिक्रियाओं और सुझावों पर 15 से 21 अगस्त के बीच एक ेतपत्र और कार्रवाई प्रतिवेदन भी प्रकाशित किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक प्रवीण प्रकाश ने मिशन टॉयलेट लोकेटर व्यवस्था लागू किए जाने को लेकर नगर निगम को निर्देश भेजे हैं। उन्होंने बताया है कि गूगल मैप के साथ पार्टनरशिपिंग की गयी है। पत्र में बताया है कि गूगल आधारित निकटतम शौचालय खोजने के इस अभियान की शुरूआत पिछले साल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हो चुकी है जिसमें अब तक पांच हजार से अधिक शौचालय गूगल मानचित्र पर अंकित हो चुके है। ये सभी शौचालय दिल्ली-एनसीआर के गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा क्षेत्र के हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर व भोपाल में भी यह सर्विस शुरू हो चुकी है।
यूजर्स सबसे पहले शौचालय सर्च करने के लिए अलग-अलग कीर्वड जैसे टॉयलेट, लेवेटरी, स्वच्छ और सुलभ या शौचालय टाइप कर सकते हैं। इसके बाद गूगल मैप आपके आसपास के सार्वजनिक शौचालयों की जानकारी दे देगा। यह लोगों से फीडबैक भी लेगा। शौचालय की साफ सफाई को रेटिंग देने के अलावा अपनी टिप्पणी भी करेंगे। एनसीआर में उपलब्ध हो रही इस व्यवस्था के मुताबिक क्षेत्र में जब आप गूगल मैप्स पर पब्लिक टॉयलेट सर्च करेंगे तो आपको अपने आसपास उपलब्ध शेल्टर होम्स, टॉयलेट की एक सूची मिलेगी, जिसमें पता और उनके खुलने का समय भी होगा।
मिशन टॉयलेट लोकेटर को लेकर क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) आईसीटी प्लेटफार्म पर सामुदायिक व सार्वजनिक टॉयलेट की लोकेशन का डाटा लेगी। इसके लिए क्यूसीआई की टीम जल्द ही नगर निगम का दौरा करेगी। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की 148वीं जयंती के अवसर पर गूगल मैप पर टॉयलेट नजर आएंगे।







