मेहमान को खाना खिलाते समय 4 बातें जरूर ध्यान दें

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घर आया मेहमान भगवन के सामान होता हैं इस बारे में धर्म ग्रंथों में भी मेहमान के महत्व का जिक्क्र मिलता है। आईयें जानते हैं क्या विशेष बाते ध्यान में रखे।

1. साफ हो मन
कहा जाता है कि जिस किसी भी मनुष्य का मन शुद्ध नहीं होता है उसे कभी भी शुभ कर्मो का फल प्राप्त नहीं होता है। घर आए अतिथि का आप सत्कार करते वक्त या उन्हें भोजन करवाते वक्त कोई भी आप अपने मन में गलत भावों जन्म यानी मन में मत आने दो! अतिथि सत्कार के दौरान जिस मनुष्य के मन में जलन, क्रोध, हिंसा जैसी कई बातें चलती रहती हैं, उसे कभी अपने कर्मों का अच्छा फल नहीं मिलता है। और इसकारण इस बात का विशेष ध्यान रखना अतिआवश्यक हैं।
2. आपकी वाणी हो मधुर
अपने घर आये व्यक्ति का मनुष्य को कभी भी अपमान नहीं करना चाहिए। और ना ही कोई मनुष्य क्रोध में आकर या किसी भी अन्य कारणों से घर आए मेहमान का बिलकुल भी अपमान करना चाहिए! कई बार भूल से आप ऐसा कर देते है और बाद में आप इसके बारे में सोचते है और जबतक उस पाप का भागी आप बन जाते हो। इसीलिए हर मनुष्य को अपने घर आए मेहमान का अच्छे भोजन के साथ-साथ पवित्र और मीठी वाणी का भी उपयोग करना चाहिए।
3. शुद्ध हो शरीर
ये तो आपने अपने बड़े बुर्जुग लोगो से सुना होगा की मेहमान को भगवान के समान माना जाता है। लेकिन आज कौन मानता है इसमें अपवित्र शरीर से न भगवान की सेवा की जाती है और न ही मेहमान की। आप अशुद्ध मन से भगवन की पूजा करते है तो पाप के भोगी बनते है उसी तरह किसी को भी भोजन करवाने से पहले मनुष्य को शुद्ध जल से स्नान करके, साफ कपड़े धारण करना चाहिए। अपवित्र या बासे शरीर से की गई सेवा का फल भी उसी तरह होता है यानी की वो फल कभी नहीं मिलता।
4. उपहार जरुर दें
आज कल ज्यादातर ऐसा होता है की कोई भी व्यक्ति आपके घर आता है यानी की मेहमान आते है तो उन्हें आप खाना खिलाया बाते करी और भेज दिया! जबकि पहले मेहमान के जाते समय उपहार भी देते थे जिसमे ज्यादातर तिलक लगा कर पैसे दिए जाते थे!
इस बारे में विधान है की घर आए मेहमान को भोजन करवाने के बाद उसके जाते समय उसको कुछ ना कुछ उपहार सवरूप यानी की श्रद्धा के साथ छोटा सा उपहार कुछ भी देना चाहिए। उपहार देते समय भी अपने मन में अच्छी भावनाओं का होना जरुरी है जिससे आपको हमेशा ही शुभ फलो का आशीर्वाद मिलता है।
एक बात और बता दे की आप इस सबको करते समय ये ध्यान रखे की अपने मन में कुछ भी मेहमान के प्रति गलत भावना नहीं आनी चाहिए! और इसी तरह फल प्राप्ति की भी नहीं आनी चाहिए!

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