रिहाई अमेरिका से खफा, बोला पाक से रिश्तों पर पड़ेगा फर्क
नई दिल्ली 28 नवंबर। 26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद की पाकिस्तान सरकार से नज़रबंदी हटने के बाद से वह अब अमेरिका से अपील कर रहा है कि UN का आतंकी लिस्ट में उसका नाम डालना उचित नहीं, उसने अमेरिका से अपील कि वह आतंकी लिस्ट से मेरा नाम हटाये।
26/11 मुंबई हमले का है खास मास्टरमाइंड हाफिज सईद
बता दें कि खूंखार आतंकी हाफिज सईद मुंबई हमले का मास्टर माइंड है साल 2008 को 26 नवंबर के दिन आंतकी हमला हुआ था, जिसका अंजाम सैकड़ों लोगों को भुगतना पड़ा था। 26 नवंबर को करीब 9.50 बजे मशहूर होटलों के पास और कई अन्य प्रमुख जगहों पर कुछ समय के अंतराल में हुए दर्जन भर शृंखलाबद्ध विस्फोट और गोलीबारी हुई, जिसमें 237 लोगों की मौत हो गई जबकि लगभग 300 लोग घायल हो गए थे।
इस आतंकी हमले के पीछे हाफिज सईद, जकी-उर रहमान लखवी, अजमल कसाब, अबू जुंदाल और डेविड कोलमैन हेडली का नाम शामिल था। इनमें से सिर्फ हाफिज सईद इस वक्त पाकिस्तान में है। हाफिज को पाकिस्तान के कोर्ट ने हाल में नजरबंद से रिहा कर दिया है। बताते चलें, हाफिज ही इस आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था।
इस हमले में शामिल सभी आतंकवादियों को सजा या तो मिल रही है या मिल चुकी है लेकिन हाफिज बच गया है। ऐसे में अब सब तरफ यही चर्चा ही कि हाफिज को उके किए का फल कब मिलेगा। वैसे सबसे चौंकाने वाली बात है कि ये जानते हुए हाफिज एक आतंकवादी है इसके बावजूद पाकिस्तान ने उसे 22 नवंबर 2017 को रिहा कर दिया।
रिहाई के बाद पाकिस्तान पर उठी उंगली
रिहा करने के बाद हर कोई पाकिस्तान पर उंगली उठा रहा था और सवाल कर रहा था कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया। यही नहीं, हाफिज के रिहा होने से मोदी सरकार की भी मुश्किलें बढ़ गईं क्योंकि उंगलियां तो उन पर भी उठ रही थीं।
राहुल गांधी ने भी कसा था पीएम पर तंज

इस पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तंज भी कसा था। उन्होंने कहा था कि, ‘नरेंद्रभाई, बात नहीं बनी। आतंक का मास्टरमाइंड रिहा हो गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना को लश्कर फंडिंग मामले में क्लीन चिट दे दी है। ‘हगप्लोमेसी’ (गले लगाने की नीति) काम नहीं आई। तत्काल और गले लगाने की जरूरत है।” राहुल ने ये हमला पाने ट्वीट के जरिए मोदी पर किया था।
वहीं, इसके बाद भाजपा ने भी राहुल पर पलटवार किया था। भाजपा ने कहा था कि, “राहुल बाबा, आदतें नहीं बदली। एक बार, आप देश के साथ खड़े हो जाइए। आप लश्कर-ए-तैयबा के जाहिर समर्थक हैं। विकिलीक्स और इशरत जहां मामले की लीपा-पोती से आपके संबंधों का पर्दाफाश हुआ है। बहरहाल, आपने अपने ‘हाफिज साहेब’ को रिहाई की बधाई दे दी?”
मगर इन सबके बीच मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने संयुक्त राष्ट्र से मदद की गुहार लगाई है। हाफिज ने संयुक्त राष्ट्र में याचिका दायर अपना नाम आतंकवादियों की लिस्ट हटाने की मांग की है। आपको बता दें, संयुक्त राष्ट्र ने 26/11 मुंबई हमले के बाद हाफिज का नाम आतंकवादियों की लिस्ट में डाल दिया था।
संयुक्त राष्ट्र ने UNSCT 1267 (यूएन सिक्यॉरिटी काउंसिल रेजॉलूशन) के तहत दिसंबर 2008 में आतंकी घोषित किया था। वैसे अमेरिका ने भी हाफिज को इंटरनेशनल लेवल पर आतंवादी साल 2008 में ही घोषित कर दिया था। यही नहीं, तब अमेरिका ने मुंबई हमले के बाद हाफिज पर एक करोड़ रूपए का इनाम भी रखा था।
हाफिज को दोबारा अरेस्ट करे पाक: सेंडर्स
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सेंडर्स ने कहा था, “अमेरिका लश्कर-ए-तैयबा आतंकी हाफिज सईद को रिहा करने की निंदा करता है। हम चाहते हैं कि उसे दोबारा से अरेस्ट किया जाए और उस पर केस चलाया जाए।”
“पाकिस्तान के हाफिज को रिहा करने से गलत मैसेज गया है। पाक कहता रहा है कि इंटरनेशनल टेररिज्म से लड़ाई को लेकर कमिटेड है और वह अपनी जमीन पर आतंकियों को पनपने नहीं देगा। लेकिन हाफिज की रिहाई से ये गलत साबित हुआ।”
“डोनाल्ड ट्रम्प की साउथ एशिया पॉलिसी एकदम साफ है। हम पाक के साथ बेहतर रिश्ते रखना चाहते हैं। लेकिन हम ये भी चाहते हैं कि पाक आतंकी गुटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और आतंकियों को अपनी जमीन पर पनाह न दे। हाफिज की रिहाई को कतई सही नहीं ठहराया जा सकता।”







