प्रेरक कहानी
मीनाक्षी.. कुछ साल पहले नगर पालिका में संविदा पर नर्स थीं.. 20 हजार रुपए महीने की सैलरी मिलती थी, सैलरी इतनी नहीं थी कि पूरा परिवार शहर में अच्छे से रह सके. पति गांव में खेती करते थे।
कुछ साल पहले उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पति के साथ खेती करने लगीं, उन्होंने 4 एकड़ में द्राक्ष (अंगूर) लगाया।
इस साल माल और रेट दोनों अच्छे हैं। पिछले हफ्ते ही उनका 30 टन अंगूर राजस्थान गया, 53 रुपए किलो और जिस दिन News Potli टीम उनके बाग में पहुंची करीब 30 टन की दूसरी खेप बिहार जा रहा थी, भाव लगा था 51 रुपए किलो.. सीधे खेत से
मीनाक्षी खुश हैं.. साल के 240 हजार की सैलरी की जगह दोनों मिलकर कुछ 20-30 लाख रुपए कमाते हैं..।
ये कहानी उन गरीब युवाओं की है जो संघर्ष कर रहे हैं जिनके पास पैसा नहीं है लेकिन कुछ करने का मन में साहस और जज़्बा है उन्हें वीडियो में आने का शौक नहीं था और न ही यूटूबर इतना कुछ सोचकर उनके खेत पहुंचे थे. कि उन्हें प्रसिद्ध करेंगे बस उनकी मेहनत काबिलेगौर थी इसलिए उन्हें सब्जेक्ट के तौर पर चुना गया।
एक दिन सड़क किनारे निकलते हुए अंगूर की हार्वेस्टिंग देखी तो इजाजत लेकर बाग पहुंच गए.. कहा इतना दूर आया हूं ये सुनकर उन्होंने पानी पिलाया, अंगूर खिलाया. अपनी कहानी सुनाई और अंगूर भी जबरन दिए।
यह रियल कहानी उन नौजवानों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो अच्छा करने की राह में भटके हुए हैं उन्हें बस यही सन्देश देना है कि भगवान् पर भरोसा रखें और अपने काम के प्रति श्रद्धा रखें।







