मुंबई: वर्ष 2026 मुंबई के लिए सफलता और रणनीतिक कदमों का साल साबित हो रहा है। एक तरफ अरिहंत एकेडमी को कोचिंग क्षेत्र में प्रतिष्ठित सम्मान मिला, तो दूसरी तरफ फेडरल बैंक ने रिटेल क्रेडिट सेक्टर में बड़ा दांव खेला। दोनों घटनाएं अलग क्षेत्रों की हैं, लेकिन दोनों ही मैनेजमेंट की दूरदृष्टि और भविष्य की तैयारी का प्रतीक हैं।
अरिहंत एकेडमी को ‘एक्सीलेंस इन कोचिंग’ का सम्मान
इकोनॉमिक टाइम्स महाराष्ट्र बिजनेस अवार्ड्स 2026 में अरिहंत एकेडमी का जलवा छाया रहा। संस्था को ‘एक्सीलेंस इन कोचिंग एंड कम्पीटिटिव प्रेप’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।
ताज लैंड्स एंड में आयोजित इस भव्य समारोह में अरिहंत की यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि संस्था ने प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE, NEET, UPSC, Banking) की तैयारी को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि हर छात्र की व्यक्तिगत जरूरतों, क्षमता और लक्ष्य के अनुसार समग्र मार्गदर्शन का मॉडल तैयार किया।
संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अनील कापसी ने कहा, कि “यह सम्मान हमारे छात्रों और शिक्षकों की मेहनत का फल है। व्यक्तिगत ध्यान और लगातार नवाचार से हम भविष्य के विजेताओं को तैयार कर रहे हैं।”
फेडरल बैंक का बड़ा सौदा, 4.5 लाख कार्ड पोर्टफोलियो हासिल
इसी मुंबई में फेडरल बैंक ने रिटेल बैंकिंग को नई ऊंचाई देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैंक ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (भारत) के चयनित क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो का अधिग्रहण करने का समझौता किया है। इस डील के जरिए फेडरल बैंक के पोर्टफोलियो में करीब 4.5 लाख नए क्रेडिट कार्ड जुड़ सकते हैं।
इस सौदे से फेडरल बैंक की मौजूदगी खासकर टियर-1 शहरों में मजबूत होगी, जहां अधिग्रहित पोर्टफोलियो का 75% हिस्सा केंद्रित है। बैंक के एमडी एवं सीईओ केवीएस मनियन ने इसे रिटेल क्रेडिट फ्रेंचाइजी के लिए “रणनीतिक मोड़” बताया।
कंज्यूमर बैंकिंग हेड विरात सुनील दिवानजी ने ग्राहकों को सहज ट्रांजिशन का भरोसा दिलाया, जबकि स्टैंडर्ड चार्टर्ड की तरफ से आदित्य मंडलोई ने कहा कि यह कदम अफ्लुएंट ग्राहकों के साथ मल्टी-प्रोडक्ट रिलेशनशिप पर फोकस बढ़ाने की उनकी रणनीति के अनुरूप है।
बता दें कि 2026 मुंबई में इन दोनों खबरों ने साबित कर दिया कि चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या बैंकिंग सही रणनीति, समर्पण और नवाचार किसी भी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।






