पंचकूला ( हरियाणा), 5 अक्तूबर: पंचकूला की एक अदालत ने हनीप्रीत इंसां को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद हुई हिंसा के सिलसिले में छह दिन की पुलिस हिरासत में आज भेज दिया। उस हिंसा में 41 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे।
प्रियंका तनेजा (36) उर्फ हनीप्रीत खुद को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की दत्तक पुत्री बताती है। हनीप्रीत को कल पंजाब में जिरकपुर-पटियाला मार्ग से गिरफ्तार किया गया था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रोहित वत्स की अदालत में एक घंटे से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद हनीप्रीत के वकील एस के गर्ग नरवाना ने संवाददाताओं को बताया, उन्होंने हरियाणा पुलिस ने 14 दिन की रिमांड मांगी और दलीलों के बाद अदालत ने हनीप्रीत को छह दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया।
हनीप्रीत को कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पंचकूला अदालत के समक्ष पेश किया गया।
एक अन्य महिला सुखदीप कौर को भी छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। सुखदीप को हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत के साथ गिरफ्तार किया था।
हनीप्रीत का नाम उन 43 लोगों की सूची में शीर्ष पर था जो हिंसा के सिलसिले में राज्य पुलिस द्वारा वांछित थे।
बचाव पक्ष के वकील ने कहा, पुलिस का दावा है कि 25 अगस्त को हिंसा भडकाने के लिये एक साजिश रची गई। वह :हनीप्रीत: किसी साजिश में शामिल नहीं थी। कैसे वे साजिश में उसे फंसा सकते हैं।
हनीप्रीत अदालत कक्ष में हाथ जोडे खडी थी। उसने खुद को बेगुनाह बताया। उसकी आंखों में आंसू थे।
उसके वकील ने कहा, हनीप्रीत डेरा प्रमुख की दोषसिद्धि के बाद उनके साथ थी। किसी भी तरीके से वह हिंसा भडकाने में शामिल नहीं थी।
अभियोजन पक्ष ने यह दावा करते हुए हनीप्रीत की 14 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की कि वह मामले में कम से कम चार से पांच मुख्य आरोपियों को जानती थी।
इससे पहले, हनीप्रीत और सुखदीप कौर को चंडीमंदिर थाने से पंचकूला अदालत परिसर लाया गया।







