डॉ दिलीप अग्निहोत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी बेघर गरीबों के सपने को साकार करने का संकल्प लिया था। इसके दृष्टिगत पिछले छह वर्षों में अभूतपूर्व कार्य किया गया। करोड़ों की संख्या में शहरी व ग्रामीण गरीबों को आवास बनाकर दिए गए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन कीर्तिमान बनाये है। उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी Government of India पुरस्कार-2019 के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले राज्य की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसपर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रदेश के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जिनके पास आवास नहीं है या जर्जर आवास है उन्हें टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल व आपदा रोधी तकनीक पर आधारित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके, इस दिशा में लाइट हाउस प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने आवास योजनाओं की तकनीक से उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि यूपी सरकार शहरी क्षेत्र में आवासहीन लोगों के आवास के स्वप्न को पारदर्शिता एवं प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है।

लाइट हाउस प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छह राज्यों में लाइट हाउस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से अगले दो वर्षों में हर बेघर को पक्का मकान दिया जायेगा। लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लिए त्रिपुरा झारखंड उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु को चुना गया है। यह केंद्रीय शहरी मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत लोगों को स्थानीय जलवायु और इकोलॉजी का ध्यान रखते हुए टिकाऊ आवास प्रदान किए जाते हैं। परियोजना के तहत, केंद्र सरकार छह शहरों- इंदौर, चेन्नई, रांची, अगरतला, लखनऊ और राजकोट में एक एक हजार से अधिक मकानों का निर्माण किया जाएगा।
अति आधुनिक तकनीक
लखनऊ में कनाडा से लाई प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। इसमें प्लास्टर और पेंट की जरूरत नहीं होगी और पूर्व निर्मित दीवारों का उपयोग किया जाएगा। अगरतला न्यूजीलैंड से स्टील फ्रेम प्रौद्योगिकी का उपयोग करके घरों का निर्माण किया जा रहा है। यह घरों को भूकंप के जोखिम से रोकने के लिए है। रांची में जर्मनी से थ्री डी निर्माण प्रणाली का उपयोग हो रहा है। इसमें हर कमरे को अलग से बनाया जाएगा और फिर पूरे ढांचे को ब्लॉक की तरह जोड़ा जाएगा। नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये परियोजनाएं योजनाकारों, इंजीनियरों वास्तुकारों और छात्रों से सीखने के लिए ऊष्मायन केंद्र हैं। वह नई तकनीक पर भी प्रयोग कर सकेंगे।
आशा इंडिया प्रोग्राम
देश में ही आधुनिक हाउसिंग तकनीक से जुड़ी रिसर्च और स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिए आशा इंडिया प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से भारत में ही इक्कीसवीं सदी के घरों के निर्माण की नई और सस्ती तकनीक विकसित की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि घर प्रत्येक गरीब व मध्यम वर्ग सबसे बड़ा सपना होता है। लेकिन पिछली सरकार के समय लोगों का अपने घर को लेकर भरोसा टूटता जा रहा था। वर्तमान सरकार इस सपने को साकार कर रही है।







