नई दिल्ली, 8 जुलाई 2025: इजरायल ने सोमवार (7 जुलाई 2025) को तीव्र हवाई हमले किए, जिसमें यमन के हूती विद्रोहियों के ठिकानों, विशेष रूप से होदेदा, रास ईसा, और सालिफ बंदरगाहों के साथ-साथ रास कनातिब पावर प्लांट को निशाना बनाया। इन हमलों का कारण हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में लाइबेरिया-ध्वजांकित, ग्रीक-स्वामित्व वाले बल्क कैरियर मैजिक सीज़ पर रविवार (6 जुलाई 2025) को किया गया हमला बताया गया, जिसमें जहाज को ड्रोन नौकाओं, रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड, और छोटे हथियारों से निशाना बनाया गया था। इस हमले के बाद जहाज में आग लग गई और यह डूब गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इजरायली सेना ने दावा किया कि ये बंदरगाह ईरानी शासन द्वारा हूती विद्रोहियों को हथियारों की आपूर्ति के लिए उपयोग किए जाते हैं, जो इजरायल और उसके सहयोगियों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। हमले में गैलेक्सी लीडर जहाज को भी निशाना बनाया गया, जिसे हूतियों ने नवंबर 2023 में अपने कब्जे में लिया था और इसे समुद्री निगरानी और रडार ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
हूती विद्रोहियों ने किया जवाबी हमला: दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें
इजरायल के हमलों के जवाब में, हूती विद्रोहियों ने सोमवार को इजरायल पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इजरायली सेना ने इन मिसाइलों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे प्रभावित हुईं, हालांकि कोई हताहत या नुकसान की तत्काल सूचना नहीं मिली। हूती प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने पांच बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ तीन ड्रोनों का उपयोग किया।
क्षेत्रीय तनाव और व्यापक प्रभाव:यह हमला इजरायल और ईरान के बीच हाल के 12-दिवसीय संघर्ष और मई 2025 में अमेरिका-हूती तनाव के बाद हुए संघर्षविराम के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव का संकेत है।
लाल सागर में मैजिक सीज़ पर हमला, नवंबर 2023 के बाद हूतियों का पहला बड़ा समुद्री हमला था, जिसने वैश्विक व्यापार को प्रभावित किया और पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका, को सैन्य जवाब देने के लिए प्रेरित कर सकता है।
एक अन्य हमले में, लाइबेरिया-ध्वजांकित जहाज एटर्निटी सी पर ड्रोन और स्पीडबोट हमले में दो चालक दल के सदस्य मारे गए, जो जून 2024 के बाद पहली ऐसी घटना थी।
इजरायली रक्षा मंत्री का बयान: हूती हमले जारी रहे तो और हमले किए जाएंगे
इजरायल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने ऑपरेशन “ब्लैक फ्लैग” के तहत इन हमलों को अंजाम देने की बात कही और चेतावनी दी कि अगर हूती हमले जारी रहे तो और हमले किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “यमन को तेहरान की तरह माना जाएगा। जो कोई भी इजरायल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे नुकसान पहुंचेगा।”
नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात: सौंपा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन पत्र
इसी बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 जुलाई 2025 को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान नेतन्याहू ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन पत्र सौंपा, जिसे ट्रंप ने सराहा। यह मुलाकात क्षेत्र में शांति प्रयासों, विशेष रूप से इजरायल-हमास युद्धविराम और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण थी।
फ़िलहाल क्षेत्र में युद्ध का खतरा बना हुआ है, क्योंकि हूती विद्रोहियों ने जवाबी हमले किए हैं और इजरायल ने आगे भी सख्त कार्रवाई की धमकी दी है। उधर इजरायल और हमास के बीच कतर में युद्धविराम वार्ता जारी है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के कारण शांति प्रक्रिया जटिल बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक लाल सागर में शिपिंग पर हमले वैश्विक व्यापार के लिए खतरा बने हुए हैं, और अमेरिका द्वारा बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स से हवाई हमले की संभावना जताई जा रही है।
यमन में इजरायल के हमले और हूतियों के जवाबी हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और इजरायल के बीच यह टकराव क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार के लिए खतरा बन रहा है। नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात और नोबेल शांति पुरस्कार नामांकन क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को दर्शाता है, लेकिन तत्काल युद्ध का जोखिम बना हुआ है।







