सोनी सब के शो ‘ज़िद्दी दिल माने ना’ में कोयल (सिम्पल कौल) का उसके बुरे पति अभय (करन वीर मेहरा) के साथ जो सफर दिखाया गया है, उसमें अब घरेलू हिंसा के महत्वपूर्ण मुद्दे पर रोशनी डाली जाएगी। इस मुद्दे पर कम चर्चा और बात होती है और शो में कोयल की जिन्देगी के जरिये देश की कई महिलाओं की कहानी दिखाई जा रही है। यह शो एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और कोयल तथा उसके अतीत का नया पहलू दिखा रहा है। कोयल का भयावह अतीत एकेडमी में भी लौट आता है और उसे उस नरक का एहसास देता है, जिससे वह भाग चुकी थी।
अभय के आने से कोयल वहीं पहुँच जाती है, जहाँ से उसने शुरूआत की थी, क्यों कि उसे फिर से गहरे दुख का एहसास होता है। कोयल के पास कोई विकल्पं नहीं बचता है, जब अभय कानूनी मदद के साथ उनके बेटे निखिल (निर्भय ठाकुर) की कस्ट डी के लिये आता है। सिम्पुल कौल इस मुद्दे और आगामी एपिसोड्स की शूटिंग के अनुभव पर ईमानदारी से अपने विचार रख रही हैं।
कोयल की भूमिका निभा रहीं सिम्पल कौल ने कोयल की जिन्दगी में इस बदलाव पर अपने शुरूआती विचार बताते हुए कहा, “नये एपिसोड् मेरे लिये चुनौती से भरे रहे हैं, क्योंकि हम कोयल और उसकी जिन्दगी का बिलकुल अलग पहलू दिखा रहे हैं।
शुरूआत में मुझे कोयल के इस पहलू के बारे में नहीं बताया गया था; यह कहानी में बहुत बाद में आया है, इसलिये यह मेरे लिये नई बात थी और साथ ही इसने मेरी जिम्मेदारी भी बढ़ा दी। मौजूदा ट्रैक ने मुझे उस बात पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत पैदा की है, जो मेरे दिमाग में कहीं छुपी हुई थी। मेरा ध्यान कोयल के बुरे अतीत और उस समय की भावनाओं को समझने पर था, और फिर उन्हें उसके वर्तमान से जोड़ना और यह कि उन्हें एपिसोड्स में कैसे दिखाया जाएगा।”
शो की पेशकश पर और खुलासा करते हुए सिम्पल कौल ने कहा, “घरेलू हिंसा वाला कोयल का डरावना अतीत एक बार फिर उसके सामने आ जाता है, जब उस पर बहुत काबू रखने की कोशिश करने वाला उसका पति अभय उसे एकेडमी में खोज लेता है और अपने बेटे की कस्टडी के लिये पुलिस और लीगल टीम के साथ आ धमकता है। इससे वह अपने पुराने दुख में डूब जाती है और उसे अपने बेटे की सुरक्षा की चिंता भी है। वह एक कठिन दोराहे पर है। या तो उसे अपने बेटे के लिये हिंसा के विरोध में खड़ा होना है या अभय के प्रभाव और बुरे व्यकवहार के सामने झुक जाना है। तो यह देखना मायने रखेगा कि उसकी कहानी कैसे आगे बढ़ती है और दूसरे ट्रेनीज इस मामले को कैसे लेते हैं।”
इस चिंताजनक मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए, सिम्प़ल ने कहा, “हमारे बीच घरेलू हिंसा पर ज्यादा बात या चर्चा नहीं होती है और हम इस बहुत प्रासंगिक मुद्दे को लेकर आ रहे हैं, इस उम्मीद के साथ कि लोग इस पर ध्यान दें और इस पर काम करें। मेकर्स ने भावनात्मक रूप से बहुत बोझिल इस मुद्दे को ऐसे पेश करने की कोशिश की है, ताकि इसे हर कोई देखे और मायने रखने वाला कोई कदम उठाये।
कोयल की कहानी देश की कई महिलाओं जैसी है और हमारा समाज घरेलू हिंसा से पीडि़त है। इसके लिये मैं हमेशा आभारी रहूंगी अगर कोयल की कहानी देखने के बाद एक भी महिला अपनी भलाई के लिये उठ खड़ी होगी। हर महिला का अपनी जिन्द गी पर और खुश रहने का अधिकार है, बस उसे ऐसा करने के लिये मजबूत समर्थन और हिम्मत चाहिये। मुझे उम्मीद है कि कोयल की कहानी उन महिलाओं को ताकत दे सकती है, जो अपनी जिन्दगी में उसके जैसी स्थिति का सामना कर रही हैं।” बता दें कि ‘ज़िद्दी दिल माने ना का प्रसारण प्रत्येक सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सोनी सब पर होता है।







