बदायूं (उत्तर प्रदेश), 18 जनवरी 2026 : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस की वर्दी पहनकर एक कांस्टेबल द्वारा की गई गुंडागर्दी ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। थाना बिल्सी क्षेत्र के ग्राम बांस बरौलिया में तैनात कांस्टेबल विकास यादव ने एक 7 वर्षीय बच्चे आयुष को इतना जोरदार थप्पड़ मारा कि बच्चा बेहोश हो गया। यह घटना सरासर अमानवीय और शर्मनाक बताई जा रही है।
घटना के अनुसार, आयुष अपने पिता की टायर पंक्चर दुकान पर बैठा था। कांस्टेबल विकास यादव अपनी बाइक में हवा भरवाने के लिए दुकान पहुंचे। जब बच्चे ने मना किया या हवा भरने में असमर्थता जताई, तो गुस्साए कांस्टेबल ने बिना किसी वजह बच्चे पर हाथ उठा दिया। थप्पड़ इतना जोरदार था कि मासूम आयुष बेहोश होकर गिर पड़ा। दुकानदार और आसपास के लोग इस घटना से स्तब्ध रह गए।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा :
- नफीस अंसारी ने लिखा: “वर्दी ताक़त की नहीं, ज़िम्मेदारी की पहचान होती है। बच्चे पर हाथ उठाना सीधी गुंडागर्दी है।”
- वेद प्रकाश ने कहा: “बाइक में हवा न डालने पर 7 वर्षीय बच्चे पर पुलिस कांस्टेबल को जोरदार थप्पड़ जड़ना घोर निंदनीय अमानवीय कुकृत्य!”
- हरिओम तिवारी ने टिप्पणी की: “ऐसी बर्बरता हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। दुनिया की कोई भी ताकत हो, हम छोड़ेंगे नहीं उसको। मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई की जाए।”
वीडियो में बच्चे को थप्पड़ मारते हुए और बेहोश होते हुए दिखाया गया है, जिसने लोगों की भावनाओं को झकझोर दिया है।

पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
लोगों के आक्रोश, सोशल मीडिया पर वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने फौरन संज्ञान लिया। थाना बिल्सी के प्रार्थना पत्र की जांच में आरक्षी (कांस्टेबल) द्वारा बच्चे को थप्पड़ मारने की पुष्टि हुई। उच्च अधिकारियों ने कांस्टेबल विकास यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच चल रही है और आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2012790668394107095
https://x.com/i/status/2012550217753620780
समाज में उठ रहे सवाल: यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि वर्दी पहनने से किसी को भी निर्दोषों, खासकर मासूम बच्चों पर हाथ उठाने का कोई अधिकार नहीं मिलता। पुलिस की जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा और सम्मान है, न कि दबंगई दिखाना। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स न्याय की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं और पुलिस की छवि पर दाग न लगे।
शगुन न्यूज इंडिया इस मामले पर नजर बनाए हुए है और आगे की अपडेट्स साझा करेगा।






