मुंबई : चिन्मय मिशन के मुंबई चैप्टर ने हाल ही में बारकू पाटिल उद्यान (या समकक्ष ओपन ग्राउंड) में भगवद्गीता के 15वें अध्याय ‘पुरुषोत्तम योग’ का सामूहिक (समष्टि) पाठ आयोजित किया। इसमें 5000 से ज्यादा लोग शामिल हुए, जिससे पूरा मैदान श्लोकों की एकसमान लय से गूंज उठा।
यह कार्यक्रम चिन्मय मिशन के 75वें वर्ष (2026 में अमृत महोत्सव) के सेलिब्रेशन का हिस्सा था। मिशन के फाउंडर स्वामी चिन्मयानंद के विजन को आगे बढ़ाते हुए, यह पाठ गीता को सिर्फ पढ़ने का नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से जीने का माध्यम बना।
खास बातें:
- 25 स्कूलों से 1500 छात्र शामिल थे, जिनमें से 90 गीता चैंटिंग कॉम्पिटिशन के विनर्स ने लीड किया।
- उच्चारण साफ और कॉन्फिडेंट था, जिससे पूरा ग्रुप एक साथ सिंक में चला।
- कार्यक्रम में भजन, स्वामी चिन्मयानंद पर बेस्ड शॉर्ट फिल्म और लाइट-एंड-लेजर शो भी थे, जो दर्शन को विजुअल एक्सपीरियंस में बदल गए।
- स्वामी स्वरूपानंद (या मिशन के वर्तमान हेड) ने कहा कि इतने लोगों का एक साथ चैंटिंग करना दर्शन से आगे जाकर सामूहिक आंतरिक अनुभव बन जाता है।

यह आयोजन जनवरी 2026 की शुरुआत में हुआ (कुछ रिपोर्ट्स में 1 फरवरी का जिक्र, लेकिन हालिया कवरेज से लगता है हाल का इवेंट)। सोशल मीडिया पर फोटोज और वीडियोज वायरल हुए, जहां लोग हजारों की भीड़ में एक साथ श्लोक बोलते दिख रहे हैं। MSN, India Education Diary और गुजराती मिड-डे जैसी जगहों पर इसकी खबर आई।
यह सिर्फ एक धार्मिक इवेंट नहीं था बल्कि युवा पीढ़ी को आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का एक बड़ा उदाहरण, जहां स्कूल बच्चे और आम लोग एक साथ शामिल हुए। क्या आपने कभी ऐसे बड़े स्केल पर गीता पाठ सुना या देखा है?







