सबके खिलाफ होगी कठोर कार्यवाही: ऊर्जा मंत्री
स्मार्ट मीटर भार जंपिंग की रिपोर्ट सेन्ट्रल पावर रिचर्च इंस्ट्यूट सीपीआरआई दिल्ली से प्राप्त होने के बाद उसे दबाए रखना, जन्मास्टमी को स्मार्ट मीटर बत्ती गुल की रिपोर्ट न आने के बीच में कुछ उच्चाधिकारियों द्वारा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि0 ( ईईएसएल ) को करोड़ो रुपए पेमेंट दिए जाने की जल्दबाजी किये जाने और सभी बिजली कम्पनियो में स्मार्ट मीटर जिन्हे बिजली चोरी के लिए रामबाण कहा गया था उसमे बिजली चोरी पकड़े जाने को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर एक जनहित लोक महत्व प्रस्ताव सौपते हुए यह मुदा उठाया कि विगत दिनों कुछ डिस्कामो में स्मार्ट मीटर में बिजली चोरी का खुलासा हुआ ऐसे में स्मार्ट मीटर सर्वर को पता ही नहीं मीटर बाईपास कर उपभोक्ता चोरी कर रहे फिर किस बात के लिए यह स्मार्ट मीटर है।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में भी गम्भीरता से विचार करने की आवश्कता है कि केवल डिब्बा स्मार्ट है या तकनीकी भी स्मार्ट है ? उच्च तकनीकी मीटर लगवाने का ट्रायल होने जा रहा उस बीच प्रदेश में लगे 12 लाख पुरानी तकनीकी के मीटरों का क्या होगा जो उपभोक्ता परिसर पर लगे है। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है उपभोक्ता के परिसर पर वही उच्च तकनीकी के स्मार्ट मीटर लगवाए जांय जो स्वता सभी तकनीकी में दक्ष हो उपभोक्ता स्वेक्षानुसार उसका उपयोग प्रीपेड सहित नेटमीटरिंग के लिए भी उपयुक्त हो क्यों की वर्तमान में एक मीटर पर लगभग रुपया 102 ओपेक्स मोडल पर हर महीने ईईएसएल को देना है । जिस स्मार्ट मीटर पर करोड़ो खर्च हर माह हो रहा है उसका यह हाल इस पर गम्भीरता से विचार करने की आवश्यकता है ।
इस पूरे मामले की गम्भीरता को देखते हुए ऊर्जामंत्री श्रीकान्त शर्मा ने प्रबंध निदेशक पावर कार्पोरेशन को निर्देश दिया की जब तक जाँच रिपोर्ट न आ जाय मामले का पूरा खुलासा न हो जाय ईईएसएल सहित किसी भी कंपनी को कोई पेमेंट न दिया जाय। साथ ही उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह अस्वाशन भी दिया कि पूरे मामले में कोई भी दोषी बचने वाला नहीं है। प्रदेश के उपभोक्ताओ के साथ कोई भी नाइंसाफी सरकार बर्दास्त नहीं करेगी अब उपभोक्ता परिसर पर केवल उच्च तकनीकी आधारित स्मार्ट मीटर ही भविष्य में लगेंगे वह भी यूजर एक्सेपेटंस टेस्ट के बाद ।







