असम में भीषण बारिश से डूब गया 90 फीसदी काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

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पांच हिरन और एक चीतल की मौत, कर्मचारी मशीनीकृत नौकाओं से दे रहे ड्यूटी

नई दिल्ली,18 जुलाई 2019: मौसम की मार से इस बार काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान बुरी तरह से प्रभावित है बता दें कि काजीरंगा यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है और विशेष रूप से गैंडे के लिए प्रसिद्ध है।
असम में आई भीषण बाढ़ से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 155 शिकार रोकथाम शिविर बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। हालांकि इस राष्ट्रीय उद्यान में शिकार पर लगाम लगाने के लिए अधिकारी 24 घंटे काम कर रहे हैं। उद्यान के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिए देसी और मशीनीकृत नौकाओं की मदद से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।

बता दें कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक सींग वाले भारतीय गैंडे की दुनिया में सबसे अधिक आबादी है। यहां बाघ, हाथी, भालू (स्लॉथ बियर), बंदर और कस्तूरी हिरन जैसे अन्य जानवर भी हैं। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है।

सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों की 167 परिवर्तनकारी योजनाओं को किया चिह्नित मंत्रालयों को प्रमुख लक्षित क्षेत्रों के डैशबोर्ड बनाने के निर्देश दिए: 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार असम के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार राज्य के गोलाघाट और नौगांव जिलों में स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 90 फीसदी हिस्सा अब तक जलमग्न है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संभागीय वन अधिकारी रोहिणी बल्लभ सैकिया ने कहा कि वन सुरक्षाकर्मियों के अलावा राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीम भी उद्यान के संवेदनशील स्थानों पर असम पुलिस के साथ तैनात है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उद्यान में 199 शिकार रोकथाम शिविर में से 155 बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। कुछ जानवरों ने उद्यान के अंदर स्थित ऊंचे स्थानों पर शरण ली है और कई राष्ट्रीय राजमार्ग 37 को पार कर कार्बी आंगलोंग में ऊंचाई वाली जगहों पर चले गए हैं। हालांकि उद्यान के अंदर जलस्तर और पास के एनएच-37 से कुछ हद तक पानी घटा है, जिससे राजमार्ग पर मंगलवार को भारी वाहनों की आवाजाही बहाल हो गई है, यात्री बसों को उद्यान से होकर जाने की अभी अनुमति नहीं है।

बयान के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर अभी तक छह हादसों की जानकारी मिली है, जिनमें पांच हिरन और एक चीतल की मौत हुई है। इसमें कहा गया है कि बाढ़ के दौरान विभिन्न कारणों से घायल हुए पांच अन्य जानवरों की भी मौत हुई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन्य बल के प्रमुख ने उद्यान के कई इलाकों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।

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