- केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि फॉरेंसिक लैब हर राज्य में बनाने की कोशिश जारी है
नई दिल्ली, 07 अगस्त 2018: आपराधिक कानून संशोधन विधेयक 2018 राज्यसभा से भी पारित हो गया है। यह बिल लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका है। बिल में 12 साल से कम उम्र की बच्ची से रेप के मामले में फांसी की सजा का प्रावधान है। सरकार इसके लिए अध्यादेश भी लेकर आई थी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि फॉरेंसिक लैब हर राज्य में बनाने की कोशिश जारी है।
उन्होंने कहा कि साथ ही गृह मंत्रालय में अब महिला सुरक्षा डिवीजन भी बनाया गया है जो महिला से जुड़े मामलों को निपटाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि हमने कानून को पीड़िता के दृष्टिकोण से संवेदनशील बनाया है। महिलाओं की सुरक्षा और आजादी से ही देश की आजादी तय होगी। मंत्री ने सेलेक्ट कमेटी में भेजने की बजाय सदन से बिल को पारित कराने की अपील की।
गृह राज्य मंत्री ने कहा सजा की सीमा को बढ़ाया गया है। साथ ही दो महीने के भीतर जांच पूरी होने के बाध्यता भी रखी गई है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे मामलों की अपील के प्रावधान को छह माह में सुलझाने का प्रावधान किया है। ताकि केस लंबित नहीं रहे मंत्री ने कहा कि अब जांच के दौरान महिला के चरित्र के बारे में पूछताछ में कोई भी सवाल नहीं उठाए जा सकते हैं। ट्रायल में जहां तक मुमकिन है महिला जज को शामिल करने की कोशिश की जाएगी, साथ ही बयान भी महिला पुलिसकर्मी ही दर्ज करेंगे।







