राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, एचसीएल फाउंडेशन और इन्टेक के बीच हुआ समझौता
नई दिल्ली, 16 मई 2019: गंगा नदी को अविरल, पवित्र निर्मल व स्वच्छ बनाने के लिए शुरू किए गए नमामि गंगे अभियान के तहत अब गंगा को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ गंगा के बेसिन क्षेत्र में 10 हजार रुद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे। इस संबध में नमामि गंगे, एचसीएल फाउंडेशन तथा इन्टेक के बीच समझौता हुआ है।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन नमामि गंगे के तहत गंगा के साथ-साथ गंगा की सभी सहायक नदियों को भी पूरी तरह स्वच्छ किया जा रहा है। गंगा को स्वच्छ बनाने की अधिकतर परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने अब गंगा को स्वच्छ करने के साथ-साथ गंगा बेसिन क्षेत्र में पवित्र रुद्राक्ष के पेड़ लगाने का निर्णय लिया है। ये वृक्ष उत्तराखंड क्षेत्र में लगाए जाएंगे।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के रूप में उत्तराखंड में रुद्राक्ष के वृक्ष लगाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, एचसीएल फाउंडेशन और इन्टेक के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है। इस परियोजना के तहत उत्तराखंड में गंगा के जलग्रहण क्षेत्र में स्थानीय समुदाय और अन्य हितधारकों के सहयोग से 10,000 रुद्राक्ष के पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए धनोपार्जन में भी सहायक होगा। इस त्रिपक्षीय समझौते में एचसीएल फाउंडेशन, इन्टेक और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यकारी निदेशक (वित्त) रोजी अग्रवाल की ओर से मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा और परियोजना के कार्यकारी निदेशक जी अशोक कुमार की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।
मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि नमामि गंगे मिशन का उद्देश्य गंगा के आसपास के 97 शहरों और 4,465 गांवों में स्वच्छ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए व्यापक और स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है। इसके लिए एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी पहल से बहुत कुछ हासिल हो सकेगा। उन्होंने एचसीएल फाउंडेशन और इन्टेक को इस प्रयास में आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से हाथ मिलाने के लिए बधाई दी।







