- गृहमंत्री बोले: आतंकवाद का होगा सफाया
- त्राल मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए
नई दिल्ली, 21 जून। सत्ता से अलग होने के बाद केंद्र ने कश्मीर में अलगावादियों पर कार्रवाई तेज करते हुए गुरुवार को जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के नेता यासिन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया। जैसा कि केंद्र सरकार की रणनीति थी कि जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगने के बाद आतंकियों के साथ-साथ अलगावादियों पर एक्शन तेज होगा। यह उसी परिणाम का हिस्सा है।
विदित हो कि बीते कुछ दिनों में घाटी में बढ़ी आतंकी घटनाओं के विरोध में यासिन मलिक ने कश्मीर घाटी में बंद का आह्वान किया था। जेकेएलएफ के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि पुलिस नहीं चाहती है वह इस धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करें। प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस गुरुवार सुबह मलिक के आवास पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और यासिन मलिक ने कश्मीर घाटी के हालात को लेकर बंद का आह्वान किया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और अलगाववादियों पर ऐक्शन लेते हुए नजरबंद या गिरफ्तार किया जा सकता है। 28 जून से अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो रही है। ऐसे में आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों को सतर्क किया गया है।
गृहमंत्री बोले: आतंकवाद का होगा सफाया

लखनऊ में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर में हर हाल में आतंकवाद का सफाया करना चाहती हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ के निजी अस्पताल हार्ट केयर का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से यह बात कही उन्होंने कहा कि हम किसी भी कीमत पर सीमा पार से आतंकवाद को अब बर्दाश्त नहीं करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कश्मीर में शांति कायम रहे।
त्राल मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए
श्रीनगर दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ मंगलवार रात जैश-ए-मोहम्मद के एक स्वम्भू कमांडर समेत तीन आतंकवादी मारे गए और इस दौरान 5 सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को मीडिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र के हिना गांव में आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद यह कार्यवाही की गयी।







