- पावर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा सरचार्ज समाधान योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उप खण्ड अधिकारियों को रूपया 50 हजार, 75 हजार से एक लाख तक कैश इनाम व एक सप्ताह के भ्रमण अवकाश पर मचा बवाल, मामला ऊर्जा मंत्री के दरबार में
- उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष का बड़ा विरोध कहा ऊॅची तनखाह वाले अभियन्ताओं ने किया अपना रूटीन काम फिर घाटे में चल रही बिजली कम्पनी कैसे दे सकती है कैश में इनाम
लखनऊ, 10 मई 2019: प्रदेश की बिजली कम्पनियाॅ जब लगभग 85 हजार करोड़ के घाटे में चल रही है और प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 10 हजार से 12 हजार करोड़ का गैप लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पावर कारपोरेशन प्रबन्धन दोनो हाथ से इनाम बांटने में जुटा है, उसे उच्च उपभोक्ता सेवा की कोई चिन्ता नहीं ।
विगत 4 मई को पावर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा यह आदेश जारी कर दिया गया कि सरचार्ज समाधान योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उप खण्ड अधिकारियों को रू0 50 हजार, 75 हजार से एक लाख तक का कैश इनाम दिया जायेगा। और ज्यादा अच्छा कार्य करने वाले एसडीओ साहब लोगों को एक सप्ताह का अवकाश भ्रमण प्रदान किया जायेगा, जिसके विरोध उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौपा, और यह माॅग उठायी जब तक बिजली कम्पनियाॅ फायदे में न पहुॅच जाय, उन्हें कोई भी कैश का इनाम न दिया जाय।

आगे यह मुद्दा भी उठाया कि घाटे में चल रही बिजली कम्पनियाॅ जहाॅ पिछले 10 वर्षो से लागू एसओपी क्लाज के तहत मानक के तहत सेवा न करने पर उपभोक्ताओं को मुआवजा देने हेतु बने कानून को इसलिये नहीं लागू कर रही है कि वह आर्थिक संकट में है। वहीं दूसरी ओर दोनों हाथ से इनाम बंट रहा है, इसके पहले भी लाखों रूपये का इनाम अभियन्ताओं को बांटा गया, जिसका खामियाजा प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की बढ़ती बिजली दरें एक उदाहरण है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि पहले बिजली कम्पनियाॅ बकाया नहीं वसूलती, फिर बकाया बढ़ता है, फिर उसके लिये एकमुश्त समाधान योजना लायी जाती है और जब उसकी वसूली कर लेते है तो इनाम बांटा जाता है। जबकि यह बिजली विभाग सभी विभागों से ज्यादा अपने कार्मिकों का तनखाह दे रहा हैं।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने मामले को काफी गम्भीर बताते हुये उसी क्षण उपभोक्ता परिषद के ज्ञापन पर अध्यक्ष, पावर कारपोरेशन से पूरे मामले पर परीक्षण कर कार्यवाही करते हुये रिपोर्ट तलब कर ली है और उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया है कि पूरे मामले पर सरकार गम्भीर है रिपोर्ट आते ही उचित निर्णय लिया जायेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि पावर कारपोरेशन प्रबन्धन शायद यह भूल गया कि योजना एकतरफा नहीं दोनों तरफा होती है यदि अच्छे काम करने वालों को इनाम दिया जा रहा है तो खराब काम करने से कैश में रिकवरी होनी चाहिये, जिस प्रकार से यह आदेश जारी किया गया है उससे उप्र सरकार की छबि धूमिल होना स्वाभाविक है।






