लगाया 19 करोड़ का चूना
नई दिल्ली,13 अप्रैल। रिजर्व बैंक द्वारा क्रिप्टो करेंसी के मामले में सख्ती बरतने के कदमों की घोषणा के कुछ ही दिन बाद भारत में बिटकॉइन की सबसे बड़ी चोरी का मसला सामने आया है। क्रिप्टो करेंसी के लोकप्रिय एक्सचेंज कॉइनसेक्योर ने शिकायत की है कि उसके वॉलेट से 19 करोड़ रुपए मूल्य के 438.318 बिटकॉइन चोरी हो गए हैं। इस एक्सचेंज के देश भर में करीब दो लाख यूजर हैं और यूजर्स की इसके प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग के दौरान ही इस चोरी का पता चला। दिल्ली केंद्रित कॉइनसेक्योर ने अपनी वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी दी है।
कंपनी ने कहा है, हमें यह बताते हुए खेद हो रहा है कि हमारे बिटकॉइन फंड्स में सेंधमारी हुई है और ऐसा लगता है कि इसे किसी और एड्रेस को भेज दिया गया है, जो हमारी पहुंच से बाहर है। हमारा सिस्टम कभी भी हैक नहीं हुआ है। यह घटना ग्राहकों को वितरण के लिए बिटकॉइन गोल्ड एक्स्ट्रैक्ट करने के दौरान हुई है। कंपनी को संदेह है कि इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति का हाथ हो सकता है। इस बारे में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में 10 अप्रैल को एक एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। उसके मुताबिक यूजर्स के फंड को कंपनी के बिटकॉइन वॉलेट में रखा जाता है, जिसकी प्राइवेट की कॉइनसेक्योर के चीफ साइंटिफिक ऑफिसर अमिताभ सक्सेना और सीईओ मोहित कालरा के पास होती है। बिटिकॉइन वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट होता है और यूजर को आमतौर पर इसका एक पब्लिक एड्रेस और एक प्राइवेट की दिया जाता है।
एक्सचेंज को पता चला कि जो बिटकॉइन ऑफलाइन स्टोर किए गए थे, वह गायब हो गए। हाल ही में बिटकॉइन के भाव में बड़ी तेजी के कारण निवेशक इसकी तरफ आकर्षित हुए थे। भारत में बिटकॉइन या क्रिप्टोकरेंसी को रिजर्व बैंक या सरकार की मान्यता नहीं है। इसकी कानूनी मान्यता नहीं होने के कारण कुछ भी होने पर यूजर्स को कानूनी मदद मिलनी भी मुश्किल होती है।







