गोमती में गिर रहे गंदे नाले होंगे बंद, पानी होगा साफ़

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फोटो: आज़म हुसैन

प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने किया काम शुरू, नदी में गिरने वाले 33 नालों को किया जाएगा डायवर्ट, तट पर डाली जाएगी सीवर लाइन

लखनऊ, 28 अप्रैल 2019: कई दशकों से प्रदूषण से जूझ रही गोमती नदी को शायद अब कुछ राहत मिल जाए! शहर की जीवनदायिनी यानी गोमती नदी को दो महीने में प्रदूषण से मुिक्त मिलेगी। गोमती में गिरने वाले 33 नालों को डायवर्ट करने के लिए कवायद शुरू हो गई है। तट पर सीवर लाइन डाली जाएगी। पाइप पहुंच चुके हैं। जल्द काम शुरू हो जाएगा।

बता दें कि अस्थायी गोमती प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने काम शुरू कर दिया है। पूर्व की अखिलेश सरकार ने गोमती रिवर फ्रंट के सौंदर्यीकरण पर करोड़ों खर्च किए। किनारों को संवारा गया, हरियाली के लिए पौधे लगाए गए, टैंक बनाया गया, मगर नालों के डायवर्जन अथवा ट्रीटमेंट पर ध्यान नहीं दिया गया है। फिर योगी की सरकार ने इस मामले को लेकर जांच बैठाई। जांच में घिरे इंजीनियरों पर कार्रवाई भी हुई लेकिन स्थिति जस की तस है। अस्थायी गोमती प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक की ओर से नगर आयुक्त व एलडीए के उपाध्यक्ष को पत्र लिखा गया है।

शहर की आबादी बढ़ने एवं नए क्षेत्र के विस्तार के कारण कुल 7 नालों को टैप कर इनके डिस्चार्ज को डायवर्ट करने के लिए भूमि की जरूरत है। इसके लिए कई बार पत्राचार किया गया। फैजुल्लागंज अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम की भूमि का सम्बंध नगर निगम से है। जानकारी के अनुसार जमीन मिल गई है।

बता दें कि नमामि गंगे योजना में यहां सीवर लाइन डालने का काम होगा। केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के अंतर्गत गंगा नदी एवं इसकी सहायक नदियों, जिसमें गोमती नदी भी मुख्य रूप से सम्मिलित है, को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए नालों को डायवर्ट करने के निर्देश एनजीटी ने दिए हैं।

अभी 26 नालों का हो रहा शोधन :

गोमती प्रदूषण नियंत्रण कार्य योजना के अंतर्गत 26 नालों के डिस्चार्ज को डायवर्ट कर सीवेज पंपिंग स्टेशन के माध्यम से नगर में स्थापित एसटीपी दौलतगंज व भरवारा के माध्यम से शोधन किया जाता है। आबादी बढ़ने से सात नए नाले विकसित हो गए हैं। इनके माध्यम से नालों के प्रदूषित जल सीधे गोमती नदी में प्रवाहित होकर नदी को प्रदूषित कर रहे हैं। नदी को प्रदूूषित मुक्त कराने के लिए इन नालों को टैप कर इनके डिस्चार्ज को डायवर्ट करने के लिए शासन से जमीन व बजट की मांग का प्रस्ताव भेजा गया था।

इन नालों का होगा डायवर्जन :

गोमती नगर विस्तार निकट सिंचाई विभाग, गोमती नगर नाला निकट ग्वारी कलवर्ट, सहारा सिटी नाला निकट फ्लड पंपिंग स्टेशन, घैला निकट घैला गांव, फैजुल्लागंज अपस्ट्रीम व डाउनस्ट्रीम तथा बरीकलां नालों के डायवर्जन की रूपरेखा बनायी गई है। 

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