Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, June 15
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»धर्म

    पितृ पक्ष सोमवार 24 सितंबर से

    By September 22, 2018 धर्म No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 687

    साल 2018 में पितृ-पक्ष 24 सितंबर 2018 सोमवार से शुरू हो रहा है। यह 8 अक्टूबर 2018 सोमवार तक रहेगा।

    हमारे हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना जाता है। कहा जाता है कि अगर किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण ना किया जाए तो उसे इस लोक से मुक्ति नहीं मिलती और वह प्रेत योनि के रूप में इस संसार में ही रह जाता है। इस वर्ष पितृ पक्ष 24 सितम्बर 2018 से प्रारम्भ हो कर 9 अक्टूबर 2018 को पूर्ण हो रहे हैं।

    24 सितंबर 2018 सोमवार पूर्णिमा श्राद्ध
    25 सितंबर 2018 मंगलवार प्रतिपदा श्राद्ध
    26 सितंबर 2018 बुधवार द्वितीय श्राद्ध
    27 सितंबर 2018 गुरुवार तृतीय श्राद्ध
    28 सितंबर 2018 शुक्रवार चतुर्थी श्राद्ध
    29 सितंबर 2018 शनिवार पंचमी श्राद्ध
    30 सितंबर 2018 रविवार षष्ठी श्राद्ध
    1 अक्टूबर 2018 सोमवार सप्तमी श्राद्ध
    2 अक्टूबर 2018 मंगलवार अष्टमी श्राद्ध
    3 अक्टूबर 2018 बुधवार नवमी श्राद्ध
    4 अक्टूबर 2018 गुरुवार दशमी श्राद्ध
    5 अक्टूबर 2018 शुक्रवार एकादशी श्राद्ध
    6 अक्टूबर 2018 शनिवार द्वादशी श्राद्ध
    7 अक्टूबर 2018 रविवार त्रयोदशी श्राद्ध, चतुर्दशी श्राद्ध
    8 अक्टूबर 2018 सोमवार सर्वपितृ अमावस्या, महालय अमावस्या

    Related image

    पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों का तर्पण कराते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो लोग पितृ पक्ष में पूर्वजों का तर्पण नहीं कराते, उन्हें पितृदोष लगता है। इससे मुक्ति पाने का सबसे आसान उपाय पितरों का श्राद्ध कराना है। श्राद्ध करने के बाद ही पितृदोष से मुक्ति मिलती है।

    पितृ पक्ष का महत्त्व

    ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार देवताओं को प्रसन्न करने से पहले मनुष्य को अपने पूर्वजों को प्रसन्न करना चाहिए। हिन्दू ज्योतिष के अनुसार भी पितृ दोष को सबसे जटिल कुंडली दोषों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि अगर पितृ रुष्ट हो जाए तो मनुष्य को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पितरों की अशांति के कारण धन हानि और संतान पक्ष से समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। संतान-हीनता के दोष के लिए में कुंडली में इसके लिए विशेष रूप से देखा जाता है। ऐसे लोगों को पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध अवश्य करना चाहिए।

    महालय अमावस्या 
    पितृ पक्ष के सबसे आखिरी दिन को महालय अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इसे सर्वपितृ अमावस्या भी कहते हैं. क्योंकि इस दिन उन सभी मृत पूर्वजों का तर्पण करवाते हैं, जिनका किसी न किसी रूप में हमारे जीवन में योगदान रहा है। इस दिन उनके प्रति आभार प्रक्रट करते हैं और उनसे अपनी गलतियों की माफी मांगते हैं। इस दिन किसी भी मृत व्यक्ति का श्राद्ध किया जा सकता है। खासतौर से वह लोग जो अपने मृत पूर्वजों की तिथि नहीं जानते, वह इस दिन तर्पण करा सकते हैं।

    पहला श्राद्ध : 24 सितंबर 2018, सोमवार को

    तिथि – पूर्णिमा, जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई हो, उनका श्राद्ध पितृ पक्ष के पहले दिन होता है।

    श्राद्ध करने का सही समय
    कुतुप मुहूर्त : 11:48 से 12:36 तक
    रौहिण मुहूर्त : 12:36 से 13:24 तक
    अपराह्न काल : 13:24 से 15:48 तक

    श्राद्ध क्या है, क्यों करते हैं ?

    हिन्दूजाति इस लोक के साथ ही साथ परलोक पर भी दृष्टि रखती है; इसीलिए इसमें पिता, पितामह और प्रपितामह की सद्गति तथा तृप्ति के लिए श्राद्ध क्रिया नियत है। जीवित लोगों की तो सेवा हुआ ही करती है, उनमें हमारी श्रद्धा भी होती है, पर श्राद्ध शब्द तो पारिभाषिक है. इसमें श्रद्धा का मधुर भाव निहित है। अपने जिन माता पिता आदि से हमें शरीर प्राप्त हुआ, हमारा लालन पालन हुआ, यदि उनके नाम से हम एक विशेष पात्र का सत्कार न करें, तो यह हमारी कृतघ्नता होगी. उनके नाम से दान करने पर परलोकगत उनकी आत्मा तृप्त हो जाती है। वह शांति और उन्नति को प्राप्त करता है। श्राद्धानुष्ठान के यथावत होने पर प्रेतयोनि से प्रेतत्व हट जाता है।

    अगर किसी व्यक्ति के देहांत की तारीख याद नहीं है तो उसका तर्पण आश्विन अमावस्या के दिन होता है। इस दिन को सर्वपितृ अमावस्या या महालय अमावस्या कहते हैं। कहते है कि अकाल मृत्यु को प्राप्त होने वाले पितरों के लिए चतुर्दशी तिथि को श्राद्ध किया जाता है।

    Keep Reading

    The solution to every problem in life lies in the name of Shri Ram: CM Yogi Adityanath.

    जीवन की हर समस्या का समाधान श्रीराम के नाम में है : सीएम योगी आदित्यनाथ

    Varanasi Municipal Corporation approves ₹100 crore project.

    काशी में बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा 130 फीट शिवलिंग, 20 एकड़ में शिव थीम पार्क

    बड़े मंगल पर करें ये उपाय सभी दुखों को हर लेंगे हनुमान जी

    The wise bird's efforts were of no avail against the foolish monkeys.

    बुद्धिमान पक्षी की मूर्ख बंदरों के आगे एक न चली

    An Exemplar of Tolerance: The Unique Encounter Between Saint Dadu and the Daroga

    सहनशीलता की मिसाल: संत और दरोगा की अनोखी मुलाकात

    The True Essence of Devotion: A Scripturally Prescribed 'Bada Mangal' Bhandara at Shri Shakti Dham Ashram

    भक्ति का सच्चा स्वरूप: श्री शक्ति धाम आश्रम में शास्त्रोक्त ‘बड़ा मंगल’ भंडारा

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Historic first flight from Noida International Airport (Jewar): Farmers who gave up their land became the first passengers.

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से ऐतिहासिक पहली उड़ान: जमीन देने वाले किसान बने पहले यात्री

    June 15, 2026
    A Unique Campaign for Yoga Awareness: Vehicle Rally Held in Ashiana

    योग जागरुकता की अनोखी मुहिम, आशियाना में निकली वाहन रैली

    June 15, 2026
    Tragic incident in Shikohabad: Man shoots cancer-stricken wife, then kills himself.

    शिकोहाबाद में दर्दनाक घटना: कैंसर पीड़ित पत्नी को गोली मारी, फिर खुद को भी उड़ाया

    June 15, 2026
    The bitter truth about health insurance: No money during illness, just hassle.

    हेल्थ इंश्योरेंस का कड़वा सच: बीमारी में भी पैसा नहीं, बस परेशानी

    June 15, 2026
    paper leak

    पेपर लीक : कब तक ली जाएगी युवाओं के धैर्य की परीक्षा?

    June 15, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading