गलत विज्ञापन छपवाकर आयोग को गुमराह कर रही हैं बिजली कंपनियां: उपभोक्ता परिषद

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बिजली कंपनियों ने एआरआर के आकड़ो को समाचार पत्रों में कराया प्रकाशित और किया गुमराह, उपभोक्ता परिषद ने जताई आपत्ति, बताया आयोग चेयरमैन को पूरा मामला

लखनऊ, 31 जुलाई, 2020: उपभोक्ता परिषद ने आरोप लागया है कि देश की बिजली कम्पनियो की तरफ से वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) पर जो विज्ञापन समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया गया उसमें फिर एक बार गुपचुप चालबाजी कर बड़ा षड़यंत्र किया गया लेकिन उपभोक्ता परिषद् ने तुरंत बिजली कम्पनियो की कारगुजारी को पकड़ लिया और 10 बजे ही विद्युत नियामक आयोग में एक जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर आयोग चेयरमैन श्री आरपी सिंह से बात कर बिजली कम्पनियो की नियम विरुद्ध कार्यवाही की शिकायत की जिस पर आयोग चेयरमैन ने कहा आयोग पूरे मामले को गम्भीरता से देखेगा।

उपभोक्ता परिषद् ने कहा बिजली कम्पनिया टैरिफ बढ़ोतरी प्रस्ताव दाखिल नहीं कर पायी इसलिए अपनी खीज मिटा रही है और मामले को उलझा रही है अभी जो बिजनेस प्लान आयोग द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया फिर क्यों टैरिफ प्रस्ताव बिजलेस प्लान के अनुमोदित डेटा पर आधारित होना है का विज्ञापन छपवाकर बिजली कम्पनियो ने उपभोक्ताओ को गुमराह किया। जो बहुत ही गंभीर मामला है बिजनेस प्लान और टैरिफ को घालमेल कर पावर कार्पोरेशन चालबाजी कर रहा है जो उसकी उपभोक्ता विरोधी नीति को दर्शाता है ।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के सामने यह मुद्दा उठाया गया की बिजली कम्पनियो द्वारा आज वर्ष 2020-21 की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) ट्रूअप वर्ष 2018-19 व वार्षिक परफारमेन्स रिव्यू वर्ष 2019-20 के बारे में जो विज्ञापन निकाला गया है जिसमे बिजली कम्पनियो ने आयोग आदेशों का उल्लघन कर कुछ ऐसे बाते बिज्ञापन में छपवा दी है जो प्रदेश के उपभोक्ताओ को गुमराह करने वाली है बिजली कम्पनियो की तरफ से छापे विज्ञापन में आयोग आदेशों के विपरीत यह प्रकाशित कराया गया है की ”बहुबर्षीय टैरिफ विनयमावली 2019 के प्राविधान के अनुसार टैरिफ प्रस्ताव बिजलेस प्लान के अनुमोदित डेटा पर आधारित होना है” मतलब की एआरआर आकड़ो पर सुनवाई का कोई मतलब नहीं ।

उपभोक्ता परिषद् ने कहा कि एक और सबसे चौकाने वाली प्रकाशित बात यह है की ”माननीय आयोग को प्रस्तुत डाटा गैप के उतर में टैरिफ डिजाइन उपलब्ध है ” इसका क्या मतलब महोदय? उन्होंने कहा कि सब मिलाकर आयोग के आदेशों का पूरी तरह उलघन कर प्रदेश के उपभोक्ताओ को गुमराह किया गया है उपभोक्ता परिषद् जनहित मे आयोग से मांग करता है की आयोग अबिलम्ब बिजली कम्पनियो द्वारा प्रकाशित विज्ञापन पर शुद्धिपत्र जारी कराने का कष्ट करे और बिजली कम्पनियो के इस कृत्य के लिए कठोर कदम उठाये ।

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