- उपभोक्ता परिषद् ने सौभाग्या उपभोक्ताओ के लिए सरकार से नयी श्रेणी बनाने की उठायी मांग
लखनऊ,13 जुलाई 2019: राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने सरकार से अनुरोध किया गया है कि बाबा साहब डा भीमराव अम्बेडकर ने 1943 में कहा था कि बिजली सस्ती नहीं बहुत सस्ती होनी चाहिए और आम जनमानस को प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए ।
उपभोक्ता परिषद ने सरकार से अपनी मांग रखते हुए कहा कि पूरे देश में मोदी सरकार द्वारा सौभाग्या स्कीम के तहत लगभग रू0 16320 करोड़ खर्च किया है और सौभाग्या सहित ग्राम स्वराज अभियान के तहत पूरे देश में गरीबों व दलित बस्तियों में फ्री में कनेक्शन बांटे गये हैं। ऐसे में सौभाग्या के तहत बीपीएल व गरीबों के लिये एक नयी श्रेणी बनायी जाये और उनकी बिजली दरें काफी सस्ती 1 से 1.50 रुपये प्रति यूनिट के बीच रखी जाये। भले ही यह प्रस्तावित व्यवस्था 1 किलोवाट तक ही सीमित की जाये।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रथम स्लैब पर सभी विद्युत उपभोक्ताओं को 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना पड़ता है, जो गरीबों व बीपीएल उपभोक्ताओं के लिये बहुत अधिक है। ऐसे में सौभाग्या के अन्तर्गत गरीब बीपीएल उपभोक्ता अनवरत् बिजली का उपभोग कर पायें ऐसे में जरूरी है कि उनकी बिजली की दरें सस्ती की जायें।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि बाबा साहब डा भीमराव अम्बेडकर द्वारा बिजली के क्षेत्र में कई दशक पूर्व जो बातें कही गयी थीं, उसे यदि केन्द्र की मोदी सरकार आज पूरे देश में लागू करती है तो निश्चित तौर पर बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और बाबा साहब का इस दिशा में किया गया प्रयास सफल होगा।







