पहलगाम का बदला पूरा, क्या पाकिस्तान जवाब देने की हिम्मत करेगा
ओम माथुर
जयहिंद। तो भारत ने पहलगाम में आतंकवादी हमले का पाकिस्तान से बदला लेकर इसमें मारे गए लोगों का न्याय दिला दिया। नाम दिया गया, ऑपरेशन सिंदूर और इसकी जानकारी देश को देने के लिए आई दो महिलाएं। कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह। सिंदूर का भारत की सनातन संस्कृति में कितना महत्व है,यह हर विवाहित महिला जानती है। आतंकियों ने पहलगाम में जिन महिलाओं के पतियों की उनके सामने गोली मारकर उनका सिंदूर मिटाया था,भारत ने उन आतंकियों और उनके अड्डों को ही मिटा दिया। पहलगाम में धर्म पूछ कर हिंदुओं की हत्या करने वाले आतंकवादियों का मकसद कश्मीर सहित हमारे देश में हिंदू-मुसलमान के बीच दंगे कराने की साजिश थी। इसमें वो नाकाम रहे। लेकिन भारतीय सेना की ओर से एक मुस्लिम महिला कर्नल सोफिया कुरैशी से आपरेशन सिंदूर की जानकारी दिलाकर पाकिस्तान ही नहीं दुनिया को बहुत बड़ा संदेश दे दिया। व्योमिका का अर्थ होता है आकाश और भारत में मंगलवार मध्यरात्रि बाद एयर स्ट्राइक कर आकाश से ही पाकिस्तान पर कहर बरपाया। यानी भारत की हर रणनीति में छिपा है संदेश।
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद से ही देश इस खबर का इंतजार कर रहा था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति और पाकिस्तान पर पहले दूसरे तरीकों, जैसे नदियों का पानी रोक कर, व्यापार बंद करके,पाकिस्तानी वीजा पर आए लोगों वापस भेज कर,एयर स्पेस बंद करके और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाक की आतंकी हरकतों को बेनकाब कर उस पर दबाव बनाने की थी। जिसमें भारत को कामयाबी भी मिली। लेकिन लोगों का दबाव पाकिस्तान के खिलाफ सैनिक कारवाई का था और मंगलवार रात वह खबर भी आ गई। भारतीय सेना ने रात को 25 मिनट में 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर 100 से ज्यादा आतंकियों को ठिकाने लगा दिया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान सीमा में दाखिल हुए बिना ही 100 किलोमीटर अंदर बहावलपुर में जैश ए मौहम्मद के मुख्यालय तक को बमबारी करके उड़ा दिया।

पाकिस्तान में बने कुल चार और पीओके में स्थित पांच आतंकी ठिकानों को टारगेट कर उड़ाया गया। इनमें कुछ मस्जिद़े भी शामिर है। जहां आतंकवादियों के ट्रेनिंग कैंप चलते थे। लॉन्च पैड थे और उनके परिजन भी रहते थे। इसमें कोई शक नहीं कि भारत अगर चाहता तो पहलगाम नरसंहार के दूसरे दिन ही पाकिस्तान को जवाब दे सकता था, क्योंकि भारत की ताकत और शौर्य के सामने उसकी कोई हैसियत ही नहीं है। लेकिन इस तरह जवाबी कार्रवाई करने से वहां नागरिकों के मारे जाने का भी डर था। इसे भारत की संवेदनशीलता और मानवीयता ही कहा जाएगा कि एक और तो पाकिस्तानी पोषित आतंकवादी हमारे देश के लोगों को धर्म पूछ कर मारते हैं,वहीं भारत जवाबी हमला करने से पहले भी इस बात का आकलन करता है कि नागरिकों को नुकसान ना पहुंचे।
भारत केवल अपने अधिकार के तहत जिम्मेदारी पूर्ण एवं बिना उकसाने वाली कार्रवाई करना चाहता था। इसीलिए उसने आतंकवादी ठिकानों पर टारगेटेड हमले किए और आतंकियों को ही ठिकाने लगाया।नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचा। देरी से हमला करने के पीछे एक मकसद ये भी हो सकता है कि पहलगाम हमले के बाद से ही पाकिस्तान को किसी भी समय भारत की जवाबी कार्यवाही का डर सता रहा था। इसलिए पीओके में बने आतंकवादी ठिकाने,लांच पैड हटा लिए थे। हो सकता है यह सभी आतंकी अपने-अपने मुख्यालय शिफ्ट हो गए हो। ऐसे में भारतीय सेना ने जैश ए मोहम्मद और लश्करे तयबा के मुख्यालय उड़ाकर आतंकवादियों और पाकिस्तान को जबरदस्त जवाब दिया है।

भारत की रणनीति को इससे भी समझा जा सकता है कि मंगलवार को उसने देश भर में करीब ढाई सौ शहरों में मॉक ड्रिल के आयोजन की घोषणा की और दिनभर इसे लेकर तरह-तरह की खबरें चलती रही। पाकिस्तान यह समझ रहा होगा कि अभी भारत हमले की तैयारी करते हुएअपने देश के लोगों को तैयार कर रहा है। लेकिन इसके पहले की मॉक ड्रिल का दिन आता, भारत ने उससे पहले ही रात में पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर डाली। पाकिस्तान कंफ्यूजन में ही रह गया। इसे फैसले लेने और उन पर अमल करने की प्रधानमंत्री मोदी स्टाइल भी कहा जा सकता है।
इस बार पुलवामा और बालाकोट के बाथ की गई सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के सबूत को लेकर भी छाती पीटने की नौबत नहीं आएगी। खुद सेना ने एयर स्ट्राइक के वीडियो जारी किए हैं। तो पाकिस्तान से भी लगातार लोग इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। पाकिस्तान ने खुद मान लिया है कि भारत के मिसाइल हमलों में उसके 26 लोग मारे गए। सबसे बड़ा सबूत तो जैश ए मोहम्मद का मुखिया मसूद अजहर है। इस आतंकी सरगना के 10 से ज्यादा परिजन हमले में मारे गए और वह कह रहा है कि अच्छा होता हमले में मैं भी मारा जाता।
सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान,भारत के एयर स्ट्राइक का जवाब देगा? जो पाकिस्तानी नेता और सेना के अधिकारी पिछले 15 दिन से लगातार गीदड़ भभकी दे रहे थे और परमाणु बम के इस्तेमाल की बात कर रहे थे। उन सबके चेहरे भारत के एक्शन के बाद फक्क है़। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ,जिन्होंने कहा था कि परमाणु बम चौक में सजाने के लिए नहीं है और हम नहीं तो कोई नहीं,अब कह रहे हैं अगर भारत बात करें और आगे कोई कार्रवाई नहीं करें,तो हम भी कुछ नहीं करेंगे। लेकिन ऐसा कहकर पाकिस्तान अपनी उन कमजोरियों पर पर्दा डाल रहा है, जिसमें उसकी हैसियत भारत से मुकाबला करने की है नहीं। इस आड़ में वह भारत के कहर से बचना चाहता है। भारत के सामने पाकिस्तान की सैन्य ताकत कही नहीं टिकती। हम लगभग ना सिर्फ हथियारों बल्कि सेना के रूप में पाकिस्तान से कई गुना आगे हैं। पाकिस्तान आर्थिक रूप से पूरी तरह पस्त है। वहां भुखमरी के हालात है और पूरी तरह कर्ज में डूबा हुआ है। जबकि भारत की जीडीपी दुनिया में चौथे स्थान पर आ गई है। पाकिस्तान को कहीं से भी आर्थिक और सैन्य मदद भी नहीं मिल पा रही है। मुस्लिम देश भी उसके साथ खड़े नजर नहीं हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से किए उस वादे को निभाया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम पहलगाम में हमला करने वाले उसकि साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से परे सजा मिलेगी. और हम आतंकवादियों की बचीकुशी जमीन भी मिट्टी में मिला देंगे। दो मुख्य आतंकी संगठनों के मुख्यालयों कै ध्वस्त करना यह साबित करता है।
जय हिन्द।







