Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, April 21
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    उपचुनाव में सपा के बगैर कितना सफल होंगी मायावती?

    By July 7, 2019Updated:July 7, 2019 Current Issues No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 488
    राजनीति में हार का गम हो या जीत की खुशी, कुछ भी स्थायी नहीं होती है। यहां कदम-कदम पर चुनावी परीक्षा होती है। खासकर सत्तारूढ़ दल के लिए यह परीक्षा काफी अहम रहती है। आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद ऐसी ही परीक्षा से योगी सरकार को फिर से रूबरू होना है। जल्द ही यूपी में 13 विधान सभा सीटों के लिए उप-चुनाव होने हैं। इसमें से अधिकांश सीटों पर बीजेपी का कब्जा था, इन 13 विधान सभा सीटों में से 11 सीटें यहां के विधायकों के सांसद बन जाने से रिक्त हुई हैं। इसलिए बीजेपी की परीक्षा भी बड़ी है।
    मायावती उपचुनाव में क्या फिर अपनाएंगी सोशल इंजीनिरिंग?
    यूपी में 2014 के बाद से लगातार जीत की तरफ बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव के बाद अब उत्तर प्रदेश में होने वाले उप-चुनाव की तैयारियों में जुट गई है, लेकिन वह इस बात से अनभिज्ञ नहीं है कि उप-चुनावों के नतीजे ज्यादातर मौकों पर बीजेपी के पक्ष में नहीं आए थे। इसीलिए बीजेपी आलाकमान यूपी की सभी 13 सीटों पर जीत के लिए और अधिक जोर लगा रही है। बीजेपी सबसे अधिक भचतित रामपुर सदर की सीट को लेकर है, जहंा के विधायक आजम खान अब सांसद बन गए हैं। आजम खान के गढ़ कहे जाने वाले इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को रामपुर विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया गया है।
    आम चुनावों में बीजेपी गठबंधन के जो विधायक सांसद बन गए हैं, उसमें गोभवदनगर (कानपुर) विधान सभा क्षेत्र से सत्यदेव पचौरी, टूंडला (फिरोजाबाद) से एसपी भसह बघेल, लखनऊ कैंट से रीता बहुगुणा जोशी, जैदपुर (बाराबंकी) से उपेन्द्र रावत, मानिकपुर (चित्रकूट) से आरके ङ्क्षसह पटेल, बलहा (बहराइच) से अक्षयवर लाल, गंगोह (सहारनपुर) से प्रदीप कुमार, इगलास (अलीगढ़) से राजवीर भसह और प्रतापगढ़ से संगल लाल अपना दल के विधायक शामिल हैं।
    इसी तरह जलालपुर (अम्बेडकर नगर) से बसपा विधायक रितेश पांडेय और रामपुर सदर सीट के विधायक आजम खान भी सांसद बन गए हैं। उक्त 11 के अलावा हमीरपुर से बीजेपी विधायक अशोल चंदेल को एक रेप केस में आजीवन कारावास सुनाए जाने के बाद विधायकी के लिए अयोग्य करार दे दिया गया है तो मीरापुर विधान सभा क्षेत्र के विधायक अवतार भसह भड़ाना के कंाग्रेस में शामिल हो जाने के कारण यह सीट खाली हुई है। इन सभी सीटों पर उप-चुनाव कराए जाने हैं।
    भाजपा आलाकमान हर हाल में सभी 13 सीटों पर बीजेपी को जिताने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। इसके लिए उसने हर सीट पर एक मंत्री और संगठन के एक सीनियर पदाधिकारी को प्रभारी बनाया है। बीजेपी के लिए नाक का सवाल रामपुर सदर सीट बनी हुई है जहंा के विधायक आजम खान सांसद हो गए हैं। आजम के खिलाफ बीजेपी ने रामपुर से दो बार सांसद रही पूर्व फिल्म अभिनेत्री जयप्रदा को मैदान में उतारा था। तमाम घेराबंदी और मोदी लहर के बाद भी बीजेपी आजम को हरा नहीं सकी थी। आजम एक लाख से अधिक वोटों से जीते हैं। लिहाजा अब यहंा से बीजेपी के लिए विधानसभा की सीट जिताना बड़ी चुनौती है। इसलिए बीजेपी ने अपने कद्दावर और प्रबंधन में माहिर नेता दिनेश शर्मा को इस काम के लिए लगाया है तो केन्द्रीय मंत्री और स्थानीय नेता मुख्तार अब्बास नकवी का भी सहयोग लिए जा रहा है।
    बीजेपी आलाकमान ने उप-चुनाव की आहट होते ही यह साफ कर दिया है कि नवनिर्वाचित सांसदों के पुत्र-पुत्रियों को मैदान में लाने की बजाय पार्टी के समॢपत कार्यकर्ताओं को ही उप-चुनाव में मौका दिया जाएगा। इसके लिए जिताऊ चेहरों की तलाश हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और संगठन महामंत्री सुनील बंसल समेत कोर ग्रुप ने गत दिनों पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा भी की थी। भाजपा उप-चुनाव में टिकट बांटते समय सोशल इंजीनियङ्क्षरग का पूरा ध्यान रखेगी। जिस विधान सभा क्षेत्र में बिरादरी मजबूत होगी, उसी बिरादरी के नेता को टिकट दिया जाएगा। इसके साथ-साथ टिकट पाने वाले नेता की योग्यता भी परखी जाएगी कि क्या वह अन्य बिरादरियों के वोट भी हासिल कर पाएगा।
    इन 13 सीटों में से 11 सीटें वर्तमान विधायकों के सांसद चुने जाने के बाद और दो सीटें अन्य कारणों से खाली हुई थीं। जो 11 विधायक सांसद चुने गए थे, उसमें से 08 बीजेपी के, एक-एक सपा-बसपा और अपना दल (एस) का भी शामिल था। बताते चलें कि हमीरपुर के बीजेपी विधायक अशोक चंदेल की विधानसभा सदस्यता उनको हाईकोर्ट से उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद 19 अप्रैल 2019 से हमीरपुर विधान सभा सीट खाली मानी जा रही है। इसी दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंदेल को सामूहिक हत्या के मामले में आजीवन कैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने 22 साल पहले राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में पांच लोगों की हत्या के मामले में अशोक भसह चंदेल सहित सभी 10 आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
    उधर, मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट भी अवतार ङ्क्षसह भड़ाना के इस्ती$फे से खाली हुई है। लोकसभा चुनाव से पूर्व फरवरी में भड़ाना कांग्रेस में चले गए थे। भड़ाना कंाग्रेस के टिकट पर हरियाणा के फरीदाबाद से लोकसभा चुनाव लड़े थे। यहंा से पूर्व में तीन बार सांसद रह चुके भड़ाना को इस बार हार का सामना करना पड़ा। भाजपा उम्मीदवार और मौजूदा सांसद कृष्णपाल गुर्जर ने अपनी पिछली जीत का रिकॉर्ड तोड़ते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कसंग्रेस प्रत्याशी अवतार भड़ाना को 6,38,239 वोटों से शिकस्त दी। बीजेपी के लिए खुशी की बात यह है कि उप-चुनाव में सपा-बसपा के अलग हो जाने के बाद उसके सामने कोई गठबंधन नहीं होगा।
    बसपा जो उप-चुनाव कम ही लड़ती है, वह भी इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में है। मायावती देखना चाहती हैं कि उन्होंने मुसलमानों को लुभाने के लिए जो दांव चला था, वह कितना कामयाब रहा। गत दिनों मायावती ने अखिलेश पर आरोप लगाया था कि अखिलेश ने मुसलमानों को टिकट नहीं देने को उनसे कहा था। मायावती दलित-मुस्लिम गठजोड़ के सहारे अपनी ताकत बढ़ाने का सपना पाले हुए हैं। वहीं बात कंाग्रेस की कि जाए तो पार्टी महासचिव प्रियंका वाड्रा भी उप-चुनावों को लेकर काफी गंभीर हैं। वह कार्यकर्ताओं के साथ लगातार उप-चुनाव की तैयारियों में लगी हैं।
    • अजय कुमार 

    Keep Reading

    Urgent Need for Diplomacy: Iran Closes Strait of Hormuz Again, Calls US a 'Pirate'

    कूटनीति की सख्त जरूरत: ईरान ने होर्मुज किया फिर बंद, कहा अमेरिका ‘समुद्री लुटेरा’

    Sadhvi Sail Becomes Miss India World 2026

    साध्वी सैल बनीं मिस इंडिया वर्ल्ड 2026

    Flames return to Uttarakhand's forests: The same story every year. Devastation... Is this the destiny of the mountains?

    उत्तराखंड के जंगलों में फिर लपटें: हर साल यही तबाही… क्या पहाड़ों की नियति यही है?

    The Murder of Relationships: Twin Daughters Killed in Kanpur; Son Murdered and Hanged in Badaun

    रिश्तों का कत्ल: कानपुर में जुड़वा बेटियों की हत्या, बदायूं में बेटे को मार फंदे से लटकाया

    Consumed by addictions to gambling and alcohol, a father turns into a monster and takes the life of his innocent son.

    जुए और शराब की लत में पिता बना हैवान, मासूम बेटे की पेड़ से लटकाकर ले ली जान

    Parashurama Transcends the Boundaries of Caste: A Sociological Analysis of Mohan Bhagwat's Statement

    शिल्प और शौर्य का एकीकरण: हिंदू समाज की एकता के प्रतीक भगवान परशुराम!

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    A Royal Gown Worth ₹3 Lakhs! Parul Yadav Steals the Show on the Red Carpet.

    ₹3 लाख का शाही गाउन! रेड कार्पेट पर पारुल यादव ने मचाया धमाल

    April 20, 2026
    Urgent Need for Diplomacy: Iran Closes Strait of Hormuz Again, Calls US a 'Pirate'

    कूटनीति की सख्त जरूरत: ईरान ने होर्मुज किया फिर बंद, कहा अमेरिका ‘समुद्री लुटेरा’

    April 20, 2026
    Sadhvi Sail Becomes Miss India World 2026

    साध्वी सैल बनीं मिस इंडिया वर्ल्ड 2026

    April 20, 2026
    Sahir and Amrita's Untold Love Story on Stage! 'Wo Afsana' Staged to Rousing Acclaim in Lucknow.

    साहिर-अमृता की अनकही प्रेम-कहानी मंच पर! ‘वो अफसाना’ का लखनऊ में धमाकेदार मंचन

    April 20, 2026
    Flames return to Uttarakhand's forests: The same story every year. Devastation... Is this the destiny of the mountains?

    उत्तराखंड के जंगलों में फिर लपटें: हर साल यही तबाही… क्या पहाड़ों की नियति यही है?

    April 20, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading